अजमेर. बीए द्वितीय वर्ष अंग्रेजी साहित्य परीक्षा : सवालों के विकल्प और प्रश्नों के अंक-विभाजन नहीं।
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय बीए द्वितीय वर्ष के अंग्रेजी साहित्य के परचे में अंक विभाजन नहीं होने तथा प्रश्नों के विकल्प मौजूद नहीं होने से कई विद्यार्थी असमंजस में रहे। उन्होंने प्रश्न-पत्र सिलेबस पैटर्न पर नहीं होने की शिकायत कुलपति से की है।
गुरुवार को बीए पार्ट द्वितीय अंग्रेजी साहित्य (प्रोज एण्ड फिक्शन) का परचा था। परीक्षार्थी प्रश्न-पत्र देख कर परेशानी में पड़ गए। विश्वविद्यालय के पाठ्यक्रम के अनुसार प्रश्न-पत्र की यूनिट तीन, चार व पांच में मौजूद प्रश्नों का डिटेल्ड जवाब देना था।
विगत वर्षो तक इन तीनों यूनिट में सवाल विकल्प के साथ दिए जाते रहे हैं। इस बार यूनिट तीन व चार में तीन-तीन तथा यूनिट पांच में दो सवाल दिए गए। इनके विकल्प भी नहीं दिए गए। इतना ही नहीं पेपर के इन यूनिट के सवालों का न तो अंक विभाजन किया गया, न ही जवाब की शब्द सीमा तय की गई।
उलझन में पड़े कई छात्रों ने विगत वर्षो के प्रश्न-पत्रों के आधार पर यूनिट के तीन सवालों को विकल्प मान कर एक-एक सवाल का जवाब ही दिया है। जिन्होंने सभी सवालों का जवाब दिया वे भी पसोपेश में हैं कि कौनसा सवाल कितने नबंर का है? जीसीए के विद्यार्थियों ने प्राचार्य के माध्यम से अपनी शिकायत विश्वविद्यालय के कुलपति को भेज कर प्रश्न-पत्र पर सवाल उठाते हुए न्याय की मांग की है।
जिन केंद्रों से शिकायतें मिलीं थीं, वहां परीक्षकों के माध्यम से स्पष्ट करा दिया गया था कि प्रत्येक यूनिट में से एक ही प्रश्न का जवाब देना है। वह प्रश्न बीस अंक का है। शिकायत मिलती है तो उसे ग्रीवेन्स कमेटी के समक्ष रखा जाएगा।
-जगराम मीणा- परीक्षा नियंत्रक