अजमेर. डायट प्रशासन की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में, अनुवाद के लिए की गई सैटिंग में स्टाफ की मिलीभगत संभव। शिक्षा विभाग जांच में करेगा पड़ताल।
आठवीं बोर्ड पेपर-आउट प्रकरण में सिंधी भाष के अनुवाद के लिए कुछ शिक्षक बिना विभागीय आदेश के ही ड्यूटी देने मसूदा पहुंच जाते थे। इसमें डायट प्रशासन की कार्यप्रणाली संदेह के घेरे में है। प्रशासनिक जांच में इस बिन्दु पर विचार नहीं किया गया।
कुछ शिक्षकों के मुताबिक 17 और 18 जनवरी को डायट में सिंधी भाष के पेपर अनुवाद किए गए थे। अजमेर के डिग्गी लोकल-2 और नवाब का बेड़ा मिडिल सिंधी स्कूल के कुछ शिक्षक बगैर आदेश ही ड्यूटी देने गए थे। इसमें डायट स्टाफ की मिलीभगत थी। शिक्षा विभाग अपनी जांच में तथ्यों की तह तक पहुंचने की कोशिश में है। आठ शिक्षक व लिपिक जांच के दायरे में लिए गए हैं।
टीए-डीए का लालच..
बगैर आदेश ड्यूटी देने तथा बाद में ‘ऑन ड्यूटी सर्टिफिकेट’ हासिल करने वाले इन शिक्षकों की मंशा केवल डायट से टीए-डीए के बिल पास करवाने की रही। इन शिक्षकों ने टीए-डीए के बिल मय पत्र शिक्षा विभाग में दे दिये हैं।
चौबे जी बने दुबे जी..
पेपर-आउट प्रकरण में आरोपियों के पक्ष या विपक्ष में सक्रिय रहे कई शिक्षक नेताओं की स्थिति ‘चौबे जी से दुबे जी’ बनने वाली हो गई। दागी शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुहिम छेड़ने वाले शिक्षक संघ शेखावत के प्रदेश उपाध्यक्ष उमेश शर्मा और शिक्षक संघ राष्ट्रीय सभाध्यक्ष शक्ति सिंह गौड़ को जहां अपने ही संघ के पदाधिकारियों के विरोधाभासी बयानों का सामना करना पड़ा, वहीं प्रकरण से जुड़े शिक्षकों की पैरवी में पहले ही दिन उतरे सियाराम गुट के प्रदेश महामंत्री विजय सोनी खुद प्रशासनिक जांच के दायरे में आ गए थे।
प्रशासनिक जांच पूरी हो, फिर शिक्षा विभाग गंभीरता से जांच करेगा। डायट एवं स्कूल के जब्त रिकॉर्ड से यह हकीकत भी सामने आ जाएगी कि कौन बिना आदेश ड्यूटी पर गया था।
-सुभाष मिश्र, उपनिदेशक, माध्यमिक शिक्षा
एसपी को आज सौंपेंगे सबूत
शिक्षा महकमा आठवीं बोर्ड परीक्षा पेपर आउट प्रकरण में शुक्रवार को एसपी के सामने प्रशासनिक जांच में एकत्रित सबूत पेश करेगा। विभाग दोषी शिक्षकों के खिलाफ एफआइआर दर्ज करवाने का भी आग्रह करेगा। शिक्षा उपनिदेशक ने बुधवार को छह शिक्षकों को निलंबित करने के बाद एडीएम-2 लालाराम गूगरवाल से जांच में सामने आए तथ्य और अन्य सबूत देने का आग्रह किया था।
गूगरवाल बुधवार को व्यस्त होने के कारण शिक्षा विभाग को दस्तावेज नहीं दे पाए थे। एडीएम ने करीब 500 पन्नों के दस्तावेजी सबूत गुरुवार शाम एडीएम-2 से शिक्षा विभाग के प्रतिनिधियों ने प्राप्त किए। शिक्षा अधिकारी देरी होने के कारण एसपी से मुलाकात नहीं कर पाए।
शिक्षा उपनिदेशक सुभाष मिश्र शुक्रवार को एसपी आनंद श्रीवास्तव से मिलकर मामले की जानकारी देंगे। इसके बाद एफआइआर दर्ज करवाई जाएगी। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के अतिरिक्त आयुक्त आरएस रघुवंशी ने इस मामले में गुरुवार को मिश्र से जानकारी भी ली।