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नक्सलियों के शहरी नेटवर्क का पर्दाफाश

अंबिकापुर. जिले में नक्सलियों के शहरी नेटवर्क का पर्दाफाश करते हुए गुरुवार को पुलिस ने नमनाकला स्थित कृष्णा नगर कालोनी के अधिवक्ता के घर दबिश दी, पर वह फरार हो गया। अधिवक्ता द्वारा पड़ोसी के घर छोड़े गए एक बोरे से पुलिस ने नक्सलियों से जुड़े कुछ कागजात, मोबाइल व सिम जब्त किए हैं।

मामले का खुलासा करते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बालाजी राव ने बताया कि नक्सलियों के शहरी नेटवर्क के संबंध में मुखबिर से सूचना मिली थी। इस पर लगातार नजर रखी जा रही थी। नमनाकला कृष्णानगर निवासी अधिवक्ता सत्येंद्र चौबे पिता बैकुंठनाथ चौबे (32) के घर नक्सलियों के आने की सूचना पर बुधवार देर शाम एसपी एच.के. राठौर के निर्देश पर एएसपी श्री राव के नेतृत्व में अधिवक्ता के घर में दबिश दी गई पर पहले ही आरोपी फरार हो गया।

पुलिस को सत्येंद्र के घर की तलाशी में कुछ नहीं मिला। इसी दौरान जानकारी मिली कि फरार होने से पहले सत्येंद्र ने एक बोरा पड़ोसी श्रवण कुमार भारती के घर रखा था। पूछताछ में श्रवण ने पुलिस को बताया कि सत्येंद्र ने दोपहर को एक बोरा रखने के लिए दिया था।

जांच में बोरे में नक्सली साहित्य सहित 2 मोबाइल, 8 सिम व नक्सलियों के कुछ पत्र मिले। इन्हें जब्त कर सत्येंद्र के खिलाफ विधि विरुद्ध क्रियाकलाप निवारण अधिनियम की धारा 40 (1) सी, छग विशेष जन सुरक्षा अधिनियम 8 (2) (3) (5) व आईपीसी की धारा 124 क के तहत अपराध दर्ज कर जांच की जा रही है। मोबाइल नंबरों की डिटेल्स जुटाने में लगी पुलिस : इस घटना में मिले डाक्यूमेंट्स से पुलिस ने अनुमान लगाया है कि सत्येंद्र शहर से नक्सलियों के फाइनेंशियल व प्रशासनिक कार्य देखता था। कागजों में दैनिक उपयोग में आने वाली सामग्री की लिस्ट, आय-व्यय संबंधी कुछ कागजात व नक्सलियों के पत्र व कुछ मोबाइल नंबर मिले हैं। पुलिस इन मोबाइल नंबरों की डिटेल्स मंगा रही है?

नक्सलियों का पैरवीकार था सत्येंद्र

सत्येंद्र चौबे मूलत: प्रतापपुर थानांतर्गत ग्राम केवरा का रहने वाला है। उसके गांव स्थित घर में लगभग 2 साल पहले आगजनी की घटना हुई थी, जिसमें नक्सलियों के शामिल होने की बात सामने आई थी। घटना के बाद से उसकी गतिविधियां संदिग्ध थी। वह न्यायालय में नक्सलियों के मामलों की पैरवी भी करता था।





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