अजमेर. जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री की बेगम शमीम आजाद ने पति की दोबारा कामयाबी के लिए दी हाजिरी।
जम्मू व कश्मीर के मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद की बेगम शमीम आजाद ने रिश्तेदारों के साथ गुरुवार को ख्वाजा गरीब नवाज की चौखट चूमी। उन्होंने गरीब नवाज की मजार पर मखमल की चादर और अकीदत के फूल पेश कर अपने शौहर आजाद के दोबारा मुख्यमंत्री बनने व राज्य में अमन की मन्नत मांगी।
ख्वाजा साहब की दरगाह में जैड सुरक्षा में बेगम आजाद जोहर की नमाज के वक्त पहुंचीं। उनके साथ चार महिलाएं और एक बच्च भी साथ था। परिसर में उन्हें पुलिस व खुफियाकर्मियों ने द्वि स्तरीय सुरक्षा घेरे में ले लिया। सुरक्षा घेरे में चल रही बेगम आजाद और उनकी रिश्तेदारों को देखने के लिए दरगाह में मौजूद जायरीन की भीड़ लग गई।
संदलखाना मस्जिद में अकीदतमंद द्वारा जोहर की नमाज अदा करने को देखते हुए उन्हें महफिलखाना के पास वाले गेट से आस्ताना की ओर ले जाया गया। आस्ताना शरीफ के बाब-ए-रहमत से वे सिर पर अकीदत का नजराना रख कर आस्ताना-ए-आलिया पहुंचीं। उन्हें खादिम सैयद इरफान चिश्ती ने जियारत कराई, ओढ़नी ओढ़ कर दस्तारबंदी की और तबरुक भेंट किया।
कश्मीरी महिला ने घेरा तोड़ा
जब खादिम सैयद इरफान चिश्ती की गद्दी पर बेगम शमीम आजाद बैठी हुई थी, इसी दरम्यान जुबैदा नामक कश्मीरी महिला वहां पहुंची। जुबैदा काफी देर तक सुरक्षागार्डे से आग्रह करती रही कि उसे बेगम आजाद से मिलने दिया जाए। लेकिन सुरक्षागार्ड उसे टालते रहे। आखिर वह सुरक्षा घेरा तोड़ कर बेगम से हाथ मिलाने के लिए पहुंच गई।
बेगम आजाद जुबैदा को एक दम पास आता देख पहले सकपका गई, लेकिन बाद में उन्होंने उससे हाथ मिलाया और बातचीत की। गार्ड से जुबैदा का पता और मोबाइल नंबर नोट करने की हिदायत दी। जुबैदा ने बताया वह हजरतबल दरगाह के पास रहती है। उसके पति माजिद सरकारी सेवा में है।
नमाज और दुआ
जियारत के बाद बेगम शमीम आजाद और उनकी रिश्तेदार महिलाओं ने जन्नती दरवाजे के पास नमाज अदा की और दुआ मांगी।
तस्बीह-लच्छों का तोहफा
बेगम आजाद रिश्तेदारों को सौगात के रूप में तस्बीह और लच्छे साथ ले गई हैं। उन्होंने परिसर में स्थित एक दुकान से तस्बीह और लच्छे खरीदे। इस दौरान जल्दबाजी को लेकर उनके गार्ड और खरीदारी कर रही एक जायरीन में कहा-सुनी भी हो गई। बाद में बेगम आजाद ने दुकानदार को पहले उस महिला को सामान देने का आग्रह किया।