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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर.
ठेका राशि और आवेदन पत्र के एवज में हुई 109 करोड़ 41 लाख 80 हजार रुपए की इनकम। जिले की 131 शराब दुकानें कंप्यूटर लाटरी प्रणाली से ठेकेदारों को आबंटित कर दी गईं। 46 समूहों में से सर्वाधिक 23 समूहों का ठेका पाकर अमोलक ग्रुप ने इस बार मंजीत समूह को पीछे कर दिया। तीसरे नंबर पर यूपी ग्रुप रहा है।
राज्य शासन को ठेकों के एवज में 86 करोड़ 68 लाख 85 हजार 20 रुपए की इनकम होगी। पछली बार की अपेक्षा लगभग 11 करोड़ रुपए ज्यादा राजस्व मिला है।
कलेक्टोरेट परिसर में सुबह लगभग 11 बजे गहमागहमी के बीच 46 समूहों में बंटी 131 शराब दुकानों का ठेका देने की प्रक्रिया शुरू हुई और लगभग एक घंटे में ही इसे निपटा लिया गया। कलेक्टर सुबोध सिंह ने प्रक्रिया की शुरुआत करते हुए कंप्यूटर पर माक डिमास्ट्रेशन (नकली ड्रा) के माध्यम से लाटरी निकालने की प्रक्रिया समझाई और किसी तरह का संशय होने पर ठेकेदारों को आपत्ति प्रस्तुत करने को कहा, हालांकि किसी की तरफ से कोई आपत्ति नहीं आई।
सबसे कम आवेदन के नाते गौरेला की दुकान के लिए सबसे पहले और सर्वाधिक आवेदन की वजह से राजकिशोर की दुकान के लिए सबसे बाद में लाटरी निकाली गई। आबकारी विभाग को शराब दुकानों के लिए 75 हजार 765 आवेदन मिले थे। 73 आवेदन रिजेक्ट होने के बाद 75 हजार 692 आवेदक आज की लाटरी प्रक्रिया में शामिल हुए। सबसे ज्यादा 4406 आवेदन राजकिशोरनगर क्षेत्र के लिए और सबसे कम 195 आवेदन गौरेला के लिए मिले थे। आवेदन के एवज में विभाग को 22 करोड़ 72 लाख 95 हजार रुपए मिले हैं।