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केंद्राध्यक्ष निलंबित, जेडी को नोटिस

ग्वालियर. 14 मार्च को होने वाली मध्य प्रदेश माध्यमिक शिक्षा मण्डल की हाईस्कूल की सामाजिक विज्ञान परीक्षा के प्रश्न-पत्र लीक होने के मामले में दोषी केंद्राध्यक्ष एलएम तिवारी को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले में लापरवाही बरतने पर संयुक्त संचालक धीर सिंह सिकरवार व जिला शिक्षा अधिकारी केके द्विवेदी को भी नोटिस जारी हुए। मुरार उमावि क्रमांक-2 परीक्षा केंद्र का नया केंद्राध्यक्ष स्कूल प्राचार्या पुष्पा ढोढी को बना दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि मुरार क्रमांक-2 परीक्षा केंद्र पर 11 मार्च को ही 14 मार्च को होने वाली परीक्षा के प्रश्न-पत्रों के पैकेट केंद्राध्यक्ष की लापरवाही से खुल गए थे। इसके बाद 14 मार्च की परीक्षा निरस्त कर परीक्षा 31 मार्च को कराने का निर्णय लिया गया है। गुरुवार की रात संभाग आयुक्त डा. कोमल सिंह ने कलेक्टर राकेश श्रीवास्तव के प्रस्ताव पर मुरार उमावि क्रमांक-2 के केंद्राध्यक्ष को निलंबित कर दिया।

आयुक्त द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि लापरवाह केंद्राध्यक्ष के खिलाफ आरोप पत्र के आधार पर विभागीय जांच भी होगी। इसके साथ ही परीक्षा अधिनियम 1937 के आधार पर दोषी व्यक्ति के खिलाफ न्यायालयीन व पुलिस में प्रकरण भी दर्ज कराया जाएगा। आदेश में यह भी कहा गया है कि 14 मार्च को होने वाला सामाजिक विज्ञान का प्रश्न-पत्र निरस्त होने से मण्डल को लगभग 35 लाख रुपए की क्षति हुई है, इस राशि की वसूली भी दोषी अमले से की जाएगी।

संभाग आयुक्त ने इस मामले में संयुक्त संचालक धीर सिंह सिकरवार को भी दोषी माना है। श्री सिकरवार को जारी नोटिस में उन्होंने कहा है कि घटना के तीन दिन बाद भी संयुक्त संचालक द्वारा उन्हें सूचना न देना, लापरवाही की श्रेणी में आता है। इसलिए दो वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई प्रस्तावित की गई है।

डीईओ को नोटिस

संयुक्त संचालक धीर सिंह सिकरवार ने इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी केके द्विवेदी को लापरवाह मानकर नोटिस दिया है। नोटिस में कहा गया है कि घटना की सूचना बुधवार को दोपहर में मिलने के बाद भी उनके द्वारा दोषी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई और वरिष्ठ कार्यालय (संयुक्त संचालक) को भी सूचित नहीं किया गया।

श्री सिकरवार ने डीईओे पर यह भी आरोप लगाया है कि जांच उपरांत तथा परीक्षा की गोपनीयता भंग होने के तथ्य की सत्यता के उपरांत भी कोई कार्रवाई न कर उन्होंने इस मामले को दबाने का प्रयास किया। संयुक्त संचालक ने कहा है कि सात दिवस में वह यह बताएं कि उन्होंने परीक्षा की गोपनीयता भंग होने पर संदिग्ध भूमिका क्यों निभाई? नोटिस का संतोषजनक उत्तर नहीं देने या फिर उत्तर समय पर न देने पर इस मामले में एक पक्षीय कार्रवाई करते हुए डीईओ के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव मुख्यालय भेज दिया जाएगा।

पैकेट जमा कराने के निर्देश

जिला शिक्षा अधिकारी केके द्विवेदी ने जिले के सभी 81 हाईस्कूल परीक्षा केंद्रों के केंद्राध्यक्षों से, लीक हुए प्रश्न-पत्रों के पैकेट समन्वयक संस्था गजराराजा स्कूल में जमा कराने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि 14 मार्च की निरस्त परीक्षा के प्रश्न-पत्रों के पैकेट थानों से वापस उठा लिए जाएं। श्री द्विवेदी के अनुसार एडीएम वेदप्रकाश ने बोर्ड परीक्षाओं में कलेक्टर द्वारा नियुक्त सभी पर्यवेक्षण अधिकारियों की बैठक कलेक्टर सभागार में 14 मार्च की शाम चार बजे आयोजित की है।

पर्यवेक्षक अधिकारी पर भी कार्रवाई संभव

कलेक्टर द्वारा विभिन्न विभागों के 27 अधिकारियों को हाईस्कूल व हायर सेकेण्डरी परीक्षाओं के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी सौंपी गई थी पर अधिकांश ने विभागीय कामकाज की अधिकता के कारण डच्यूटी करने से इनकार कर दिया है। मुरार क्रमांक-2 के पर्यवेक्षण के लिए तैनात अधिकारी ने भी यही किया। पशु चिकित्सा विभाग के इस अधिकारी ने प्रश्न-पत्र लीक होने के बाद भी केंद्र का निरीक्षण नहीं किया है। इसी कारण से उक्त अधिकारी के निलंबन की तैयारी की जा रही है।

भितरवार में नकल का जोर

जिले के भितरवार ब्लाक के हाई स्कूल परीक्षा के एक केंद्र पर ठेकेदार नकल करा रहे हैं। इस तरह की शिकायत केंद्र के छात्रों ने जिले के एक अधिकारी से की तो उन्होंने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं।





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