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Indians Abroad Indians Abroad मेलबर्न. ब्रिटेन में आतंकवाद फैलाने के मामले में गलत आरोप झेलने वाले भारतीय मूल के डॉक्टर हनीफ के मामले में ऑस्ट्रेलियाई सरकार गोपनीय सबूतों की जांच के लिए कमर कस चुकी है।
अटॉर्नी जनरल रॉबर्ट मैक्क्लेलैंड ने हनीफ जांच मामले में यह घोषणा की है और इस जांच की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज जॉन क्लार्क करेंगे। रॉबर्ट ने कहा कि इसके अंतर्गत हनीफ की गिरफ्तारी, आरोपों, जिरह और रिहाई के बारे में जांच की जाएगी।
ब्रिस्बेन जज द्वारा हनीफ को बेल दिए जाने के तुरंत बाद एंड्रयूज के उस निर्णय की भी जांच की जाएगी जिसमें हनीफ का वीजा रद्द कर दिया गया था। एंड्रयूज ने अपने फैसले को गोपनीय सबूतों पर आधारित बताते हुए कल सही ठहराया था। रॉबर्ट ने कहा कि तमाम गोपनीय सूचनाएं क्लार्क को सौंप दी गई हैं।
रॉबर्ट के मुताबिक इस जांच में इमिग्रेशन विभाग पूरा सहयोग करने को तैयार है साथ ही, हनीफ को भी सबूत देने के लिए बुलाया गया है। गौरतलब है कि इस पूरे मामले को एएफपी द्वारा गलत तरीके से डील किए जाने के लिए काफी आलोचनाएं हो रही हैं।