न्यूयार्क. घर में अभिभावकों के स्मोकिंग करने से न सिर्फ बच्चों के श्वास प्रश्वास सम्बन्धी परेशानियां होती है बल्कि यह उनके दिल के लिए भी नुकसानदायक होती है। हाल में हुए शोध से इस बात की पुष्टि होती है। इस शोध की रिपोर्ट अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के कांफ्रेस में प्रस्तुत किया गया है।
इस शोध के लिए शोधकर्ताओं ने 128 बच्चों को शामिल किया। शोध के दौरान उन्होंने 2से 5 वर्ष के बच्चों को एक वर्ग में रखा और 9 से 14 साल के बच्चो एक समूह में रखा। शोध में उन्होंने पाया कि पहले समूह के बच्चों पर दूसरे समूह के बच्चों के मुकाबले धुंए से निकलने वाले निकोंटिंन का 6 गुना ज्यादा असर पड़ा।
शोध के अनुसार, ध्रूमपान करने वाले मातापिता के बच्चों को दिल की बिमारियां ज्यादा होती हैं। शोधकर्ताओं का मानना है कि बड़े बच्चों पर निकोटिन का असर कम होता है क्योंकि वे घर के बाहर भी जाते हैं।