लंदन.जी हां, अभी तक ‘यौन शक्ति’ बढ़ाने के लिए उपयोग में लाई जाने वाली वियाग्रा दवाई ‘पल्मोनरी हाइपरटेंशन’ (धमनियों में होने वाला उच्च रक्तचाप) के उपचार में भी काफी मददगार साबित हो सकती है।
ब्रिटिश अखबार ‘डेली मेल’ में प्रकाशित एक रिपोर्ट के अनुसार ब्रिटेन में ‘पल्मोनरी हाइपरटेंशन’ से पीड़ित दो वर्षीय एक बच्चे को वियाग्रा दी गई जिसके बाद उसके उच्च रक्तचाप को स्थिर रखने में मदद मिली है।
उच्च रक्तचाप की शिकार इस बच्चे की मां सरहा का कहना है कि वियाग्रा के कारण ही आज उसका बच्चा जिंदा रह पाया है, वरना कभी का मर गया होता। हालांकि डॉक्टरों का कहना है कि ‘पल्मोनरी हाइपरटेंशन’ के रोगियों में वियाग्रा के प्रभाव के चिकित्सीय परीक्षण नहीं किए गए है।
इसलिए इसके बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। वहीं सरहा का कहना है कि वियाग्रा पूरे शरीर में रक्त का संचरण तेज करती है जिससे उच्च रक्तचाप पर नियंत्रण हो पाता है।
गौरतलब है कि ‘पल्मोनरी हाइपरटेंशन’ में रक्त का संचरण धीमा पड़ जाता है जिससे पूरे शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है। कई बार दम घुटने से रोगी की मौत भी हो जाती है।
वियाग्रा का उपयोग अभी तक यौन शक्ति बढ़ाने में किया जाता रहा है। लेकिन अब इस बात पर भी बहस छिड़ गई है कि क्या वियाग्रा ‘पल्मोनरी हाइपरटेंशन’ में कारगर सिद्ध हो सकती है अथवा नहीं।