नई दिल्ली. एक दस साल के मासूम बच्चे ने जब अपनी साइकिल तोड़े जाने का विरोध किया तो एक शादी पार्टी के सदस्यों ने उसे जिंदा जला डाला।
महानगर के बाहर अलीपुर गांव में विजेंदर सिंह के बेटे संजीव का शव एक खेत में मिलने के बाद इस दिल दहला देने वाली घटना का खुलासा हुआ। एक वरिष्ठ पुलिस अफसर ने कहा कि इस शव की बरामदगी के बाद क्षेत्र में तनाव है और पूछताछ के लिए दो ड्राइवरों समेत पांच लोगों को पकड़ा गया है।
पुलिस ने यह नहीं कहा है कि इस हत्या के पीछे किसका हाथ है लेकिन स्थानीय लोगों के मुताबिक गांव से मेरठ जा रहे शादी पार्टी के एक वाहन में सवार लोगों ने इस दरिंदगी को अंजाम दिया है। बताया जाता है कि बच्चे ने अपनी साइकिल टूटने पर मरम्मत के लिए पैसे मांगे थे और इससे नाराज होकर शादी पार्टी के चार सदस्यों ने उसकी पिटाई की थी।
इस पूरे मामले के गवाह स्थानीय नागरिक विजय ने आरोप लगाया है कि एक सफेद रंग की क्वालिस ने बच्चे की साइकिल को टक्कर मारी और बच्चे ने जब मरम्मत के लिए पैसे मांगे तो गाड़ी में सवार चार लोग उतरे और उसकी पिटाई की। इसके बाद वे उस बच्चे को अपने साथ ले गए।
संजीव के पिता विजेंदर सिंह ने कहा है कि वे शाम को 7 बजे से ही बच्चे की तलाश में जुट गए थे लेकिन देर तक उसका पता नहीं चला। फिर विजेंदर और उनके परिजन इस खेत के पास पहुंचे तो उन्होंने संजीव को जला हुआ पाया। विजेंदर ने कहा कि उन्होंने संजीव को उसके पैरों से पहचाना।