मुंबई.मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने एक साक्षात्कार में कहा कि ऑस्ट्रेलिया को उसी के मैदानों पर हराने का कारनामा भारत ने जरूर किया, लेकिन क्रिकेट पावर बनने के लिए हमें जीत को बरकरार रखना होगा।
इतना ही नहीं आने वाले समय में अन्य देशों को भी हराना होगा। पिछले साल वर्ल्डकप में हमारा प्रदर्शन खराब था लेकिन उसके बाद चीजें बदली हैं। वास्तव में टीम इंडिया अब ऑस्ट्रेलिया से ज्यादा सशक्त बन चुकी है। टीम में युवा व प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं जिससे कहा जा सकता है कि भारत क्रिकेट का सुपर पावर बन सकता है।
न लारा न बुकानन
ब्रायन लारा ने हाल ही में कहा था कि उन्हें जॉन बुकानन ने उकसाया, जिसके जवाब में सचिन ने आक्रामक बल्लेबाजी की। इसपर सचिन ने कहा ,‘मैं कभी किसी को चुनौती देने या किसी के सामने कुछ साबित करने के लिए नहीं खेलता। मैं क्रिकेट खेलता हूं, क्योंकि इससे मेरा लगाव है। मेरा सपना देश के लिए अच्छा प्रदर्शन करना रहा है।’
मैं जिस समय मैदान पर होता हूं, पूरा ध्यान सिर्फ खेल और खेल पर होता है। यह कहना कि मैं किसी के कुछ कहने के कारण अच्छा खेला, मेरे लिए मुश्किल बात है।’
धोनी की टीम सबसे अच्छी
महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी वाली टीम इंडिया को मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर अब तक के अपने कैरियर की सबसे उम्दा टीम मानते हैं। उनका यह भी मानना है कि यह टीम नंबर वन बनने की हकदार है। सचिन ने कहा, ‘यह टीम किसी भी चुनौती का सामना कर सकती है। टीम का दृष्टिकोण उच्च स्तरीय और स्पर्धात्मक है।’
‘टैेस्ट क्रिकेट में वनडे की तुलना में अलग टेम्परामैंट की जरूरत होती है। हमारे दोनों ही कप्तान खेल के दोनों रूपों के लिए फिट हैं। खेल के जिस रूप में जैसी मांग होती है। मैं वैसे ही खेलता हूं।’
खेल का उम्र से क्या लेना
करीब 18 साल से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सचिन तेंदुलकर ने अलग-अलग कप्तानों के साथ खेला है। इस बारे में सचिन ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय मैचों में उम्र का खेल से कोई लेना-देना नहीं होता है। प्रदर्शन का महत्व होता है।’ सचिन ने कहा है कि हॉकी खिलाड़ियों को इस समय आलोचना नहीं समर्थन देने की जरूरत है।