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‘निजी कंपनी को इतना फायदा क्यों?’

जयपुर. मानसरोवर में वीर तेजाजी रोड स्थित जमीन के मामले में विपक्ष ने सरकार से सवाल किया कि एक बड़ी कंपनी को करीब 400 करोड़ रुपए का फायदा क्यों पहुंचाया जा रहा है। कांग्रेस के सीपी जोशी ने विधानसभा में यह मामला उठाया।

मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने जोशी से कहा कि आपने यह मामला जल्दी उठा दिया है। इसमें अभी तो कुछ हुआ ही नहीं है। अगले सत्र में यदि ये मामला उठता तो शायद सरकार जवाब भी देती। बोर्ड, निगमों से सरकार का पत्र-व्यवहार तो चलता ही रहता है।

विपक्ष के आरोपों को लेकर सदन में कई बार हंगामा हुआ। सत्तापक्ष ने नियमों का हवाला देते हुए कहा कि जिन विभागों की मांगों पर पहले चर्चा हो चुकी है, वे दुबारा नहीं उठाए जा सकते। जोशी ने कहा कि वे विनियोग विधेयक के तहत ही विनियोग विधेयक पर नॉन टैक्स रेवेन्यू की चर्चा कर रहे हैं जो नियमानुसार है।

उन्होंने आवासन मंडल के तत्कालीन आयुक्त की ओर से 20 जुलाई, 2007 को स्वायत्त शासन विभाग के प्रमुख सचिव को लिखा गया पत्र सदन में पेश किया। उस समय सरकार ने प्रोजोन लिबर्टी इंटरनेशनल को मानसरोवर में वीर तेजाजी रोड पर 4 लाख 32 हजार 831 वर्ग मीटर जमीन देने के लिए आवासन मंडल से टिप्पणी मांगी थी।

तत्कालीन आयुक्त ने पत्र में साफ कहा था कि नियमों के तहत व्यावसायिक संपत्ति नीलामी से ही बेची जा सकती है। राज्य सरकार के नियमों में भी एक करोड़ रुपए से ज्यादा की संपत्ति केवल नीलामी से ही बेचने का प्रावधान है।

जोशी ने कहा कि ले आउट प्लान के अनुसार 2 लाख 57 हजार 901 वर्गमीटर जमीन होटल, मल्टीप्लेक्स शापिंग सेंटर के लिए काम आएगी। इसका यदि न्यूनतम विक्रय मूल्य 40 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर भी माना जाए तो कुल कीमत 1031.60 करोड़ रुपए होती है।

यदि पूरी जमीन को एक ही प्लॉट मानकर 25 हजार रुपए वर्ग मीटर की दर पर भी बेचा जाए तो बोर्ड को 1080 करोड़ रुपए मिलेंगे। जबकि प्रोजोन लिबर्टी कंपनी केवल 8,530 रुपए प्रति वर्गगज की डीएलसी रेट पर ही इसे लेना चाहती है। इसमें उसे करीब 400 करोड़ रुपए का सीधा लाभ होगा।

जोशी ने कहा जब यह मामला भास्कर में उजागर हुआ तो आवासन मंडल ने 8 फरवरी, 2008 की बैठक में लिबर्टी प्रोजोन का मामला निरस्त करके पीडी कोर को योजना बनाने की जिम्मेदारी सौंपने का प्रस्ताव पास कर दिया। इस पर भी सरकार ने रोक लगा दी।

उन्होंने आईसीआईसीआई बैंक को भी डीएलसी दर पर दी गई जमीन की जांच कराने की मांग की। कांग्रेस के ही खुशवीरसिंह जोजावर ने हाउसिंग बोर्ड में करोड़ों रुपए के घोटाले का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि मुख्यमंत्री बेदाग हैं तो इस मामले की सीबीआई से जांच कराएं। बहस में कांग्रेस के प्रद्युम्नसिंह, राव राजेन्द्रसिंह, शांतिलाल चपलोत और हरिमोहन शर्मा ने भी हिस्सा लिया।

बिल्डरों को फायदा

जोशी ने हाल ही जेडीए में शामिल हुए 247 गांवों का मामला उठाते हुए कहा कि इन गांवों में परिधि क्षेत्र में भू-उपयोग परिवर्तन करने से जेडीए को मिलने वाले राजस्व में 50 फीसदी राशि का नुकसान हुआ है। यदि जेडीए में शामिल करने के बाद इन गांवों में भू-उपयोग परिवर्तन होता तो जेडीए को लाभ मिलता।





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