भोपाल. राजधानी के बाशिंदों के लिए अब स्टार बसों का सफर कुछ महंगा हो सकता है। आर्थिक कारणों से शहर को अलविदा कहने वाली स्टार बसों को बचाने के लिए बीसीएलएल ने किराए में वृद्घि का प्रस्ताव जिला प्रशासन को दे दिया है।
दैनिक भास्कर में सोमवार को ‘स्टार बसों को ग्रहण, कभी भी थम सकते हैं पहिए’ शीर्षक से खबर छपी। इसके बाद जिला प्रशासन ने बीसीएलएल से स्टार बस के किराए में वृद्धि के साथ इन स्टार बसों के संचालन को लेकर शहर की परिवहन व्यवस्था में किए जा सकने वाले फेरबदल का प्रस्ताव मांगा। देर शाम तक बीसीएलएल ने दोनों प्रस्ताव संभागायुक्त कार्यालय को सौंप दिए हैं।
क्यों हुए ऐसे हालात
भारी विरोध हुआ: शुरुआत के साथ ही स्टार बसों को अन्य लोक परिवहन वाहन संगठनों का भारी विरोध झेलना पड़ा। शुरुआती डेढ़ वर्ष में इन बसों के साथ सौ से अधिक मर्तबा तोड़फोड़ हुई । ढेरों स्टार बसें आज भी जर्जर हालत में सड़कों पर दौड़ रही हैं। इससे सवारी कम हुई और बसें अपनी आय के लक्ष्य पूरे नहीं कर परई। अब इनके संचालकों पर करोड़ों रुपए का कर्ज बकाया है।
प्रशासन ने भी पूरे नहीं किए वादे: स्टार बसों के असफल होने के मुख्य कारणों में प्रशासन की वादा खिलाफी भी है। अब तक स्टार बसों के संचालन के लिए प्रस्तावित आधारभूत ढांचा भी तैयार नही हो सका है। बसों और स्टापेज पर लगने वाले ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) डिस्प्ले बोर्ड भी नहीं लगे हैं। वहीं प्रस्तावित शहर में 100 बस स्टापेज और 100 बसों का संचालन भी अधूरा है।
सफल संचालन के लिए यह जरूरी
-स्थायी प्रशासक
-पर्याप्त बसों की संख्या
- शहर के कोने-कोने में कनेक्टिविटी
-पर्याप्त और आधुनिक बस स्टापेज
-सड़कों और चौराहों का चौड़ीकरण
- बसों और स्टापेजों की सुरक्षा
-नए मार्ग का निर्धारण