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काश कोई दर्द समझ पाता

जयपुर.birdजयपुर जंतुआलय के पक्षी खंड में मौजूद आस्ट्रेलिया निवासी संकटग्रस्त ऐमू का जोड़ा इन दिनों बेहद विचलित दिखाई दे रहा है।

लगता है उनका दर्द इंसान नहीं समझ पा रहे।मादा ऐमू द्वारा दो महीने से भी ज्यादा समय पहले दिए गए करीब एक दर्जन अंडों से चूजे नहीं निकले, तो दो दिन से कुछ अंडों को झोपड़े से बाहर रख दिया गया। जंतुआलय प्रशासन के अनुसार ऐसा इसलिए किया गया, ताकि नर ऐमू उनको सेने का मन बना ले।

इस बारे में पक्षी विशेषज्ञ कहते हैं कि अगर अंडों को बाहर ही निकालना था तो सभी को निकालते, इस तरह से तो नर-मादा उलझन में आ जाएंगे। या फिर जंतुआलय आने वाले लोगों की नजरों व हल्ले-गुल्ले से बचाए रखने के लिए दो महीने तक पिंजरे के बाहर पर्दा लगाया जाता, तो हो सकता था नर निश्चिंत होकर अंडों को सेता। गौरतलब है कि लगभग 15 साल पहले एक दूसरी मादा ऐमू ने अंडे दिए थे, पर उसके बच्चे बच नहीं पाए थे।





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