इंदौर. मंदिर परिसर में अव्यवस्थाओं का आलम है। यहां पिछले आठ वर्ष में विकास के नाम पर कुछ नहीं हुआ। टेकरी पर बने तालाब में हर ओर गंदगी है। तालाब में पॉलिथीन, कचरा डाला जाता है, पानी भी खराब हो चुका है। यहां दिनभर जानवर घूमते दिखाई देते हैं। टेकरी से लगा बगीचा भी खराब स्थिति में है। यहां की दीवारें टूटी हुई हैं और पेड़-पौधे रखरखाव के अभाव में सूख रहे हैं। बगीचे में हरियाली तो है ही नहीं, पेड़ भी नही हैं जिनकी छाया में लोग बैठ सकें।
मंदिर परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था, तालाब और बगीचे की देखरेख नगर निगम के अधीन है। निगम ने तालाब की देखरेख के लिए एक दरोगा और दो सफाई कर्मचारियों की व्यवस्था की है। यहां के दुकानदारों का कहना है दरोगा-कर्मचारी ड्यूटी नहीं करते। इसके अलावा मंदिर परिसर और आसपास साफ-सफाई भी न के बराबर होती है। सुरक्षा के भी कोई साधन नहीं हैं।
आठ साल से उलझा विकास
आठ साल पहले बिजासन मंदिर परिसर को छोड़करआसपास का हिस्सा बीएसएफ के अधीन हो गया। इसके बाद से विकास जैसे रुक ही गया। निगम जनप्रतिनिधि का कहना है बीएसएफ अपनी जमीन बताकर विकास कार्य करने नहीं देता जबकि बीएसएफ अधिकारियों का कहना है निगम ने विकास के लिए कभी सहायता मांगी ही नहीं।
बमुश्किल होती है पार्किग
मंदिर आने वाले लोग सबसे पहले वाहन पार्क करने के लिए परेशान होते हैं। बीएसएफ ने पहाड़ी के नजदीक से रास्ता बंद कर चारों ओर तारफेंसिंग कर दी। अब लोगों को टेकरी के पास एक ओर गाड़ियां लगाना पड़ती हैं। कुछ लोग गाड़ी अंदर ले जाने की कोशिश करते हैं तो बीएसएफ के जवान मना कर देते हैं। पुजारियों का कहना है जब बीएसएफ के अधीन आसपास की जमीन नहीं आई थी तब टेकरी के पीछे लोग उत्सव, पिकनिक मनाते थे लेकिन अब जैसे सबकुछ खत्म सा गया है। पार्किग के लिए ही जगह नहीं देते, बमुश्किल पार्किग होती है। हजारों लोग आते हैं लेकिन कोई व्यवस्थाएं नहीं हैं।
यज्ञशाला निर्माण का प्रस्ताव लेकिन डर रहे हैं पुजारी
पुजारियों के अनुसार मंदिर के सामने एक हवन कुंड है लेकिन इससे काफी दिक्कत होती है। मंदिर के चढ़ाव के सामने जमीन पर नौ कुंड बनाने का प्रस्ताव काफी समय से है लेकिन पुजारी बीएसएफ के डर से नहीं बना रहे हैं। पुजारी अशोक वन के मुताबिक मंदिर परिसर का हिस्सा बीएसएफ के अधीन नहीं आता है लेकिन हर बात में वे हस्तक्षेप करते हैं। पिछले वर्ष धूप-बारिश से बचाने के लिए मंदिर के सामने शेड का निर्माण शुरू कर दिया था लेकिन बीएसएफ ने आपत्ति जताई, बड़ी मुश्किल से शेड बना। अब नौ कुंडीय यज्ञशाला बनाने की अनुमति भी वे देंगे या नहीं। हालांकि पुजारियों ने कहा कुछ भी हो यज्ञशाला बनाएंगे।
सुरक्षा व्यवस्थाएं नहीं, गुंडागर्दी बढ़ी
मंदिर परिसर के आसपास रहने वाले लोगों ने कहा यहां बाहर से आए लोग गुंडागर्दी करते रहते हैं। प्रशासन से यहां सुरक्षा की व्यवस्था को लेकर कई बार बात की लेकिन अब तक कुछ नहीं हुआ। कुछ दिन पहले सड़क किनारे लगी दुकान का सामान कुछ असामाजिक तत्वों ने फेंक दिया था। बाद में मारपीट भी की गई। रहवासी सुनीलकुमार ने कहा केवल नवरात्रि में लगने वाले मेले में ही प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था करता है। आम दिनों में भी यहां लोग आते हैं।