इंदौर. सिर पर हेलमेट और सवारी साइकिल की.. इंदौर पुलिस का यह स्वरूप कुछ दिन में दिखाई देगा। मकसद है अपराधों की रोकथाम और लोगों से संपर्क बढ़ाना। यूरोप व अमेरिका में पुलिस ‘डाउन-टाउन पेट्रोलिंग’ के नाम से ऐसा कर रही है।
शहर में चेन स्नैचिंग, चलती गाड़ी से मोबाइल लूट, सुनसान इलाके में राहगीरों को लूटना तथा पॉश कॉलोनियों में घर में अकेली महिलाओं को ठगने के मामले बढ़ते जा रहे हैं। ऐसी वारदातें पलासिया और अन्नपूर्णा थाना क्षेत्र में सबसे ज्यादा हो रही हैं। बल की कमी से पुलिस न नई चौकियों बना पा रही है, न पहले से मौजूद चौकियों या सहायता केंद्रों पर पर्याप्त बल उपलब्ध करा पा रही है। इसका विकल्प पलासिया पुलिस ने ऑपरेशन डोर-टू-डोर में तलाशा जिसकी शुरुआत 9 मार्च को की गई।
अब सीएसपी अन्नपूर्णा गिरीश सूबेदार अपने कार्यक्षेत्र के तीनों थाना क्षेत्रों में डाउन-टाउन पेट्रोलिंग शुरू कर रहे हैं। इसमें अपराधों की रोकथाम के साथ पुलिस का जनसंपर्क भी बढ़ेगा। इसमें कोई बाहरी मदद भी नहीं ली जाएगी। संयुक्त राष्ट्र के मिशन में कोसोव (यूगोस्लाविया) में काम कर चुके श्री सूबेदार ने बताया इसका विचार यूरोप पुलिस की कार्यप्रणाली से मिला। वहां पुलिसकर्मी साइकिल पर रोज अपने-अपने क्षेत्र में दौरा करते हैं जिसे डाउन-टाउन पेट्रोलिंग कहा जाता है।
ऐसे होगी
इसकी पूरी प्लानिंग भी तैयार है, बस लागू करने की देर है। शुरुआत में राजेंद्रनगर, चंदननगर तथा अन्नपूर्णा थाने से चार-चार पुलिसकर्मी लेकर तीन पेट्रोलिंग पार्टी बनाएंगे। उन्हें स्पोर्ट्स साइकिलें तथा हेलमेट थाना प्रभारी उपलब्ध कराएंगे और वर्दी भी कुछ अलग होगी ताकि आसानी से पहचाने जा सकें। प्रत्येक पार्टी अपने-अपने थाना क्षेत्र में सुबह 8 से 4 तथा 4 से 10 बजे दो शिफ्ट पेट्रोलिंग करेगी। पुलिस के बाज, पेंथर तथा चीता स्क्वाड से अलग ये पार्टियां घर-घर जाकर रहवासियों से सद्भावपूर्ण संबंध स्थापित करेंगी। इस योजना का उद्देश्य भी लोगों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास जगाकर असुरक्षा की भावना निकालना है।
अन्य काम नहीं
पेट्रोलिंग पार्टी न तो चोर का पीछा करेगी, न वारदातस्थल पर दौड़ेगी। कोशिश होगी इन्हें छोटे-मोटे काम निपटाने के साथ भ्रमण का जिम्मा ही दिया जाए। साइकिल से गश्त करने से पेट्रोल की बचत होगी और पुलिसकर्मी भी फिट रहेंगे।
लगातार निगरानी होगी
पुलिसकर्मी पेट्रोलिंग में आलस न करें इसकी मॉनिटरिंग सीएसपी ही करेंगे। तीनों पार्टियों को हर 15 दिन में सीएसपी को रिपोर्ट देना होगी। वे प्रतिदिन जिन लोगों से मिले और जहां गए इसकी जानकारी रोजनामचे में दर्ज करेंगे। रोज-दर-रोज संपर्क से इनकी कॉलोनियों में इतनी घुसपैठ हो जाएगी कि छोटे-मोटे अपराधों की जानकारी के साथ असामाजिक तत्वों की परख भी हो जाएगी। दिन में होने वाली चोरियां, ठगी, चेन स्नैचिंग पर भी अंकुश लगेगा।