उज्जैन.
प्रो. एच.एस. सभरवाल हत्याकांड की सीबीआई जांच की मांग को लेकर उनके पुत्र हिमांशु ने २0 मार्च से भोपाल में आमरण अनशन पर बैठने का ऐलान किया है लेकिन राज्य सरकार की नजर में अब भी यह मामला सीबीआई को सौंपने जैसा नहीं है। गृहमंत्री हिम्मत कोठारी का कहना है कि सीबीआई खुद इस केस को स्वीकार नहीं करेगी।
प्रो. सभरवाल केस की सुनवाई सेशन कोर्ट उज्जैन से नागपुर ट्रांसफर करने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद हिमांशु ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए सीबीआई जांच की मांग उठाई है।इसको लेकर वे मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को खुला पत्र भी लिख चुके हैं जिसमें उन्होंने आरोपियों को संरक्षण देने सहित कई गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में सोमवार को भास्कर ने गृहमंत्री श्री कोठारी से सवाल किया तो उन्होंने कहा यह केस सीबीआई को सौंपने लायक नहीं लगता है। सीबीआई के पास कोई केस तब ही भेजा जाता है जब उसके जांच करने के स्तर का हो।
ऐसे तो हर लोकल मामले की सीबीआई जांच की मांग उठने लगेगी। वैसे भी सीबीआई के पास पहले ही कई केस पेंडिंग हैं। फिर भी प्रो. सभरवाल मामले में डीजीपी को परीक्षण करने को कहा है। गौरतलब है माधव कॉलेज के प्रो. सभरवाल की २६ अगस्त 0६ को छात्र संघ चुनाव की हिंसा में मौत हो गई थी। छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया निरस्त किए जाने से नाराज एबीवीपी कार्यकर्ता ने उनके साथ मारपीट की थी। सीआईडी ने जांच के बाद एबीवीपी नेता शशिरंजनसिंह अकेला, विमल तोमर, पंकज मिश्रा, विशाल राजोरिया, सुधीर यादव व हेमंत दुबे के खिलाफ हत्या का प्रकरण दर्ज किया था।