bhaskar Web English
HomeNewsMetrosChandigarh Chandigarh

बजट : न लेन न देन

चंडीगढ़सोमवार को पंजाब के वित्तमंत्री ने अपनी सरकार का दूसरा बजट पेश किया। राज्य की आर्थिक स्थिति के मद्देनजर जिस तरह के कठोर प्रावधान किए जाने की उम्मीद की जा रही थी उससे वित्तमंत्री जहां मंत्रिमंडल की सामूहिक जिम्मेवारी का रोना रो कर बच गए, वहीं चुनाव आचार संहिता के बहाने कोई राहत भी नहीं दी।

किसानों का हितैषी होने का दावा करने वाली बादल सरकार ने न तो कृषि क्षेत्र के लिए कुछ खास किया और न ही मंदी की मार झेल रहे उद्योग क्षेत्र को राहत दे पाई। राजस्व घाटे के मोर्चे पर छोटी सी उपलब्धि की आत्ममुग्धता दिखाने वाले वित्तमंत्री ने कर्मचारियों की उम्मीदों पर यह कर पानी फेरा कि सरकार पहले ही मंहगाई भत्ते में उल्लेखनीय वृद्धि कर चुकी है। राहत की आस संजोए कर्मचारियों से वित्तमंत्री ने कार्यक्षमता पांच गुणा बढ़ाने की अपील कर सख्त चेहरा भी दिखाने की कोशिश की।

बजट में यह सब

>> 407 .57 करोड़ सरप्लस बजट >> 570.41 करोड़ का घाटा दिखाया>> जारी रहेंगी सब्सिडियां, 3600 करोड़ की राहत>> विकास दर 6.62 फीसदी रहेगी>> आमदनी, खर्च में 1746 करोड़ के अंतर को कम करने की कोशिश >> वाषिर्क योजना में 21.50 फीसदी बढ़ोतरी, लेकिन बजट से राशि 500 करोड़ घटाई >> बिजली सेक्टर में 35 फीसदी, ट्रांसपोर्टेशन में 16 फीसदी, सामाजिक सेवाओं में 25 फीसदी व औद्योगिक क्षेत्र में आधा फीसदी वृद्धि>> बिजली सेक्टर में खर्च दो गुना किया जाएगा>> मंत्रियों, अफसरों, कर्मचारियों के स्वैच्छिक अंशदान से बीपीएल परिवारों के लिए स्वास्थ्य बीमा >> सुनी गई बाबा फरीद मैडिकल यूनिवर्सिटी की, दो साल में पूरी करने की घोषणा, केंद्र से अमृतसर मैडिकल कॉलेज के लिए मांगी राशि>> देहाती जलापूर्ति पर विश्व बैंक योजना लागू, रखे 132 करोड़, केंद्रीय योजनाओं से 247 करोड़>> काली बेईं और बुड्ढा नाला की सफाई के लिए 15 करोड़ रुपए का प्रावधान>> बेरोजगारों को प्रशिक्षण के लिए 30 करोड़>> सीमावर्ती इलाकों की 753 किलोमीटर सड़कों के लिए रखे 200 करोड़।>> चंडीगढ़ में जूडिशियल एकैडमी, दो करोड़ देंगे

अपेक्षाएं जो नहीं हुईं पूरी>> सरकारी कर्मचारियों को रियायत नहीं, उम्मीद से ज्यादा काम करने का आह्वान>> रिटायरमैंट ऐज 60 साल करने की नहीं हुई घोषणा





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: