लखनऊ. अब शायद कोई शिशु पैदाइशी बीमारी या विकृति लेकर नहीं पैदा होगा क्योंकि इससे निपटने के लिए छत्रपति शाहू जी महाराज चिकित्सा विश्वविद्यालय के एनाटॉमी विभाग में साइटोजेनेटिक लैब की स्थापना की जा रही है।
एनाटॉमी विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. ए. के. सहाय ने बताया कि इस लैब की स्थापना के बाद डाउन सिंड्रोम और थैलेसीमिया जैसे अनुवांशिक रोगों की जांच सुविधा आसानी से उपलब्ध हो जायेगी। उन्होंने बताया कि इस लैब में गर्भावस्था में ही बीमारियों की पहचान की जायेगी जिससे बच्चों को पैदाइशी बीमारी से बचाने की भरपूर कोशिश की जायेगी।