भोपाल. भारतीय वन प्रबंध संस्थान और वन विभाग वल्र्ड फॉरेस्ट्री-डे (21 मार्च) के मौके पर ‘ग्रीन ब्रिगेड’ प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहा है। प्रोजेक्ट के लिए छह फॉरेस्ट डिवीजन की पहचान की गई है, जहां के युवाओं को पर्यावरण और वन सरंक्षण के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा। 21 मार्च से शुरू होने वाले इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में भोपाल के पास स्थित रिचायिन, विदिशा (धर्मपुर कंदा), सीहोर (खजूरीकलां), रायसेन (रतनपुर), औब्दुल्लागंज (देलावाड़ी) और राजगढ़ (नागागिरी) गांव के युवाओं को आजीविका उपार्जन और जंगलों के बचाव के लिए कार्य करना सिखाया जाएगा। साथ ही जंगलों में मौजूद वनस्पतियों की पहचान और उनसे आजीविका उपार्जन करने के बारे में जानकारियां भी दी जाएंगी।
ईको-टूरिज्म की संभावनाएं
इन स्थानों पर ईको-टूरिज्म की संभावनाएं भी तलाशी जाएंगी। ताकि ग्रामीणों को रोजगार मिल सके और शहरी लोगों को अपने आसपास के इलाके में ही टूरिज्म स्पॉट। इसके लिए आईआईएफएम में स्थित नेशनल ईको डेवलपमेंट बोर्ड (रीजनल ऑफिस) और फॉरेस्ट विभाग कार्य करेगा। फिलहाल आईआईएफएम के इंटरनेशनल सेंटर फॉर कम्यूनिटी फॉरेस्ट्री के तहत 21 मार्च से वन विभाग के अधिकारी और भारतीय वन प्रबंधन संस्थान की टीमें इन स्थानों पर जाकर युवाओं को प्रशिक्षण देती रहेंगी।