इंदौर. सुबह १0.30 बजे शुरू होने वाले कलेक्टोरेट कार्यालय में मंगलवार को सात एसडीएम में से एक अजीत श्रीवास्तव ही उपस्थित थे। करीब 11 बजे एसडीएम गौतमसिंह आए, दोपहर बाद से अन्य के आने का सिलसिला चला। तब तक परेशान लोग इधर-उधर भटकते रहे।
एसडीएम चंद्रमौलि शुक्ल व सुनील दुबे छुट्टी पर थे। लोग अपर कलेक्टर रेणु पंत, एडीएम रमेश भंडारी और अपर कलेक्टर गोपाल डाड के कार्यालय तक गए तो वे भी नहीं मिले। कलेक्टर कक्ष में जाने पर पता चला भोपाल में बैठक होने के कारण वे भी नहीं हैं। झल्लाए लोगों ने कहा अधिकांश समय अधिकारियों के इंतजार में ही निकल जाता है। मिनटों के काम में घंटों लग जाते हैं और कभी-कभी तो कई दिन। जो अधिकारी दोपहर बाद तक पहुंचते हैं वे भी उन्हीं लोगों से मुखातिब हो पाते हैं जिनकी उस दिन पेशी है।
11 बजे : अंदर आते ही मनमानी वसूली
कलेक्टोरेट में समाधान केंद्र पर आय प्रमाण-पत्र बनवाने आए लोगों को बाहर ही वकीलों के एवजी घेर लेते हैं और मनमानी कीमत वसूलते हैं। एक नोटरी की कीमत 20 रुपए तो इनकम टैक्स रिटर्न पे नहीं होने के शपथ पत्र के लिए 60 रुपए। न तो इन पर कोई नियंत्रण करने वाला है और न लोगों को दिशा-निर्देश देने वाला। यदि सारे संबंधित कागजात आपके पास हैं तो एक प्रमाण पत्र बनवाने में एक दिन खपना तय है।
12 बजे : आने को ही हैं साहब
एडीएम रमेश भंडारी के कक्ष में भीड़ बढ़ रही थी और हथियारों का लाइसेंस लेने आए लोग बेकाबू हो रहे थे। कर्मचारियों का कहना था कि बस साहब आने को हैं। यही हाल अपर कलेक्टर गोपाल डाड के कक्ष का भी था। दोपहर तक कई चक्कर लगाने के बाद पता चला कि वे मंगलवार को कार्यालय नहीं आ पाएंगे। श्री भंडारी भोपाल गए थे तो श्री डाड छुट्टी पर थे। अपर कलेक्टर रेणु पंत पालिका प्लाजा में एनआरसी की बैठक व लैब टेक्निशियन के इंटरव्यू में व्यस्त थीं। एसडीएम बी.एस. तोमर सुबह से बोर्ड परीक्षाओं के चलते 12 बजे तक ही कार्यालय में उपस्थित हो सके। खाद्यय नियंत्रक एस.एस. परमार भी एक बैठक में होने के कारण 12 बजे तक ही कार्यालय पहुंच पाए।
1 बजे : आपस में झगड़ते रहे
तहसील कार्यालय में कई गांवों से जुड़े लोग तहसीलदार आर.एस. राजपूत का इंतजार सुबह से ही कर रहे थे। कुछ लोग संपत्ति बंटवारे के मामले में आए थे जब 1 बजे तक भी तहसीलदार नहीं आए तो वे आपस में ही झगड़ने लगे। श्री राजपूत कोर्ट में होने के कारण दूसरी पारी में ही आ सके।
2 बजे : दूसरी पारी तक होता रहा इंतजार
एसडीएम के.आर. जैन हाई कोर्ट व एसडीएम मनोज पुष्प जिला कोर्ट में होने के कारण कार्यालय की दूसरी पारी तक ही पहुंच पाए। इसी तरह आबकारी विभाग में असिस्टेंट कमिश्नर एक्साइज विनोद रघुवंशी कर्मचारियों की एक डीई के सिलसिले में तीन बजे बाद कार्यालय पहुंचे। सुबह से लोग इंतजार कर रहे थे।
3 बजे : अंधेरे से भागते हैं अधिकारी
कलेक्टोरेट में आए दिन काम करवाने आने वाले लोगों का कहना है कि दोपहर लाइट गुल होते ही गर्मी से परेशान अधिकारी नहीं मिलते। कलेक्टोरेट में बिजली की वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है।
4 बजे : प्रमाण-पत्रों का इंतजार
जो लोग आय व अन्य प्रमाण पत्र बनवाने आए थे वे सुबह कागजी कार्रवाई कर दोपहर 4 बजे से इसे लेने का इंतजार कर रहे थे। इन दिनों अधिकता के चलते शाम 6 बजे बाद तक प्रमाण-पत्र मिलते रहे।
5 बजे : पेशी के लिए भीड़
दोपहर बाद से एसडीएम व तहसीलदारों के पास शुरू हुआ पेशियों का काम शाम 5 बजे तक सबसे ज्यादा रहा, जो देर शाम तक चला।