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‘पुरानी फाइलें : पुराना प्लान’

इंदौर. नए मास्टर प्लान की नियमावली पर मंगलवार को हुई बैठक ने बिल्डरों व जमीन मालिकों के साथ सरकारी अधिकारियों में मच रही उथल-पुथल को खत्म कर दिया। प्रमुख मुद्दा उन फाइलों के निराकरण को लेकर था जो मास्टर प्लान लागू होने के पूर्व में ही टाउन एंड कंट्री प्लानिंग या नगर निगम में स्वीकृति के लिए रखी गई थी। इस संबंध में स्पष्ट किया गया है कि पिछले तीन वर्ष के अंतराल में जमा की गई फाइलों को पुराने प्लान के मुताबिक ही स्वीकृति दी जाएगी।

निगम कार्यालय में टाउन एंड कंट्री प्लानिंग (टीएनसीपी) की डायरेक्टर दीप्ति गौड़ मुखर्जी, निगमायुक्त नीरज मंडलोई, टीएनसीपी के ज्वाइंट डायरेक्टर विजय सांवलकर सहित अनेक अधिकारी मौजूद थे। श्रीमती मुखर्जी ने बताया पुराने प्लान से पूर्व जमा की गई फाइल का निराकरण पुराने प्लान से ही किया जाएगा। वे ही फाइलें स्वीकृत की जाएंगी जिनकी तीन वर्ष की अवधि पूरी नहीं हुई होगी। ये फाइले 31 दिसंबर 2007 तक जमा हो गई हों।

श्रीमती मुखर्जी के मुताबिक भूमि विकास अधिनियम सिर्फ नए गांवों पर नहीं बल्कि संपूर्ण निवेश क्षेत्र में लागू होगा। सघन आबादी क्षेत्र के नियमन अलग हैं। निगम इसके लिए विधिवत नक्शे पास करेगी लेकिन प्रावधान नए मास्टर प्लान के लागू होंगे। कॉलोनी विकसित करने की नियमावली पर भी चर्चा हुई। इसमें स्पष्ट हुआ कि ग्रुप हाउसिंग या आठ हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र पर कॉलोनी का विकास का प्रावधान प्रस्तावित आबादी क्षेत्र में लागू होगा। यह प्रावधान विकसित क्षेत्र पर बेअसर रहेंगा। पेंट हाउस का आवासीय उपयोग प्रतिबंधित रहने का निर्णय भी यथावत रहेगा।

बायपास पर कमर्शियल उपयोग नहीं होगा

टीएनसीपी डायरेक्टर दीप्ति गौड़ मुखर्जी ने स्पष्ट किया है कि बायपास पर कमर्शियल उपयोग किसी भी हालत में नहीं किया जाए। दो बहुमंजिला इमारतों के संयुक्त उपयोग के संबंध में उन्होंने प्रस्ताव बनाकर भेजने की बात कही।

मंगलवार को शहर के बिल्डरों व कॉलोनाइजरों के साथ हुई बैठक में श्रीमती मुखर्जी का कहना था कमर्शियल उपयोग प्रतिबंधित है जिसका आपको ध्यान रखना होगा। फ्लोर एरिया रेशो (एफएआर) का बंधन समाप्त करने के संबंध में उन्होंने कहा यदि किसी अन्य प्रदेश में ऐसा कोई नियम हो तो उसका उल्लेख कर हमें भेजें। आपके प्रस्ताव को राज्य सरकार को भिजवा देंगे। दो भवनों की छतों को जोड़ने या संयुक्त पार्किग की मांग बिल्डरों ने रखी। दो हेक्टेयर से कम जमीन का उपयोग क्या किया जा सकता है? इस संबंध में डायरेक्टर का कहना था जो भी अनुमति योग्य होगा वह बनाएं।





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