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Chhattisgarh
Bilaspur Bilaspur बिलासपुर. अब जेलरोड से नकाब पहनकर गुजरने वाले बाइक सवारों व लोगों की जांच की जाएगी। नक्सली घटनाओं के मद्देनजर एहतियात के तौर पर जेल अधीक्षक ने एसपी को पत्र लिखा गया है।
जेल ब्रेक व मोबाइल मिलने की घटनाओं के बाद सेंट्रल जेल में एहतियात के तौर पर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने की कवायद शुरू कर दी गई है। क्षमता से अधिक कैदियों की समस्या से निपटने के लिए जहां नए बैरकों का निर्माण किया जा रहा है, वहीं अतिरिक्त सुरक्षा बल भी तैनात किए गए हैं। इसी कड़ी में जेल अधीक्षक राजेंद्र गायकवाड़ ने एसपी प्रदीप गुप्ता को एक पत्र लिखा है। इसमें अंबेडकर चौक से छत्तीसगढ़ स्कूल तक (जेल रोड) में गुजरने वाले नकाबपोश व संदिग्ध लोगों की जांच करने की बात है।
इसके अलावा स्पीड ब्रेकर व बेरियर लगाने की भी मांग की गई है। बढ़ते नक्सली घटनाओं के मद्देनजर इसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उल्लेखनीय है कि दंतेवाड़ा जेल ब्रेक की घटना के बाद प्रदेश के जेलों में सुरक्षा व कैदियों की क्षमता के बारे में समीक्षा की गई थी। इसमें सुरक्षा कर्मियों की कमी व क्षमता से अधिक कैदियों की मौजूदगी सामने आई थी। इसके अलावा जेलों में मोबाइल के बढ़ते प्रयोग भी विभाग के लिए नासूर बनता जा रहा था।
ज्ञात हो कि बिलासपुर सेंट्रल जेल में नक्सली नेता नारायण सान्याल व सुभाष पहले से बंद थे। इसके बाद सुरक्षागत कारणों को लेकर अंबिकापुर जेल के 14 पुरुष नक्सलियों समेत 3 महिला नक्सलियों को न्यायालय के आदेश पर बिलासपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट किया गया है। इससे स्थिति और भी संवेदनशील हो गई है। इन सब कारणों को देखते हुए अतिरिक्त सुरक्षा के प्रबंध किए जा रहे हैं।
छात्राओं के साथ क्या होगा: सेंट्रल जेल के पास ही बर्जेस स्कूल व जीडीसी कालेज है। अमूमन कालेज व स्कूल की छात्राएं ही चेहरे पर दुपट्टा या कपड़ा लपेटकर चलती हैं। जीडीसी व बर्जेस स्कूल की छात्राओं को जेल रोड से ही गुजरना होता है। ऐसे में उन्हें काफी परेशानी होगी।