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बीजापुर में 17 नक्सली ढेर

बीजापुर/जगदलपुर/रायपुर.r अब तक के सबसे बड़े अभियान को अंजाम देते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस की मदद से आंध्रप्रदेश के ग्रे-हाउंड लड़ाकों ने बीजापुर में पामेड़ के पास 17 नक्सलियों को मार गिराया। मंगलवार को सुबह 8 बजे पामेड़ थाने से करीब 7 किमी दूर जंगल में फोर्स ने तकरीबन 50 नक्सलियों के दल को घेर लिया। घिरते देख नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। फोर्स ने तगड़ा जवाबी हमला किया। करीब चार घंटे चली मुठभेड़ के बाद साथियों के शव छोड़कर नक्सली भाग निकले।

डीजीपी विश्व रंजन तथा बस्तर आईजी आरके विज ने बताया कि सभी 17 शव मिल गए हैं। जहां मुठभेड़ हुई, वह दुर्गम इलाका है तथा पोस्टमार्टम वगैरह नहीं हो सकता। इसीलिए ग्रे-हाउंड और बीजापुर पुलिस शवों को चेरला ले गई। यह आंध्रप्रदेश का सीमावर्ती थाना है। पोस्टमार्टम के बाद शव कल सुबह छत्तीसगढ़ लाए जाएंगे। मारे गए सभी नक्सली वर्दी में थे। सात नक्सली काली वर्दी में थे, जिन्हें हार्डकोर माना जा रहा है। छह महिला नक्सली भी थीं।

खम्मम (आंध्रप्रदेश) के एसपी देवेंद्र सिंह चौहान ने दैनिक भास्कर को बताया कि सोमवार की रात ग्रे-हाउंड का एक दस्ता आंध्रप्रदेश में माओवादियों के एक दल के नजदीक पहुंच गया था। भनक लगते ही छत्तीसगढ़ की तरफ भागे। ग्रे-हाउंड की एक कंपनी पीछे लग गई। छत्तीसगढ़ पुलिस के अफसरों ने बताया कि आंध्र की सूचना पर बीजापुर पुलिस और एसटीेएफ का बड़ा दस्ता उसी दिशा में रवाना किया गया।

बीजापुर पुलिस ने कटआफ फोर्स के रूप में काम किया और नक्सली धरमावरम नाले के पास फंस गए। इसके बाद उन्होंने फायरिंग शुरू की, तब फोर्स ने मोर्चा लेकर जवाबी हमला किया।

भागे नक्सलियों का पीछा

चार घंटे बाद नक्सली भागे, तब इलाके की सर्चिग में शव बरामद किए गए। पुलिस ने दावा किया कि दर्जनभर नक्सली गंभीर रूप से घायल हुए हैं, क्योंकि मौके से दो-तीन किमी दूर तक खून के छींटे पाए गए हैं। छत्तीसगढ़ एसटीएफ की दो कंपनियां भागे हुए नक्सलियों के पीछे जंगलों में घुसी हैं। हालांकि डीजीपी श्री रंजन ने कहा कि फोर्स को ज्यादा अंदर घुसने से मना कर दिया गया है।

संयुक्त कमान पर चर्चा

जिस वक्त बीजापुर में मुठभेड़ की खबरें फैलीं, दिल्ली में देशभर के नक्सल प्रभावित इलाकों के लिए टास्क फोर्स को लेकर बैठक चल रही है। छत्तीसगढ़ से आईजी नक्सल आपरेशंस गिरिधारी नायक बैठक में थे। उन्होंने बताया कि बैठक में इस कार्रवाई की प्रशंसा की गई तथा अफसरों ने सभी राज्यों में संयुक्त आपरेशन तेज करने का फैसला किया।

इतने हथियार पहली बार

नक्सलियों के शवों के पास पुलिस ने दो एके-47 राइफलें, पांच एसएलआर राइफलें, पांच थ्री नाट थ्री राइफलें, पांच भरमार बंदूकें तथा काफी गोला-बारूद बरामद किया है। माना जा रहा है कि ये सभी हथियार पुलिस से लूटे हुए हैं। ये पहला मौका है जब नक्सलियों से मुठभेड़ के बाद पुलिस को इतने स्वचालित हथियार मिले।

फोर्स को खरोंच नहीं

आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ का यह संयुक्त आपरेशन इतनी सटीक रणनीति से किया गया कि गोलीबारी में फोर्स के एक जवान को खरोंच तक नहीं आई। सूत्रों के अनुसार नक्सलियों ने इस बार भी कोशिश की थी कि वे साथियों के शव ले जाएं, लेकिन फोर्स की सधी हुई गोलीबारी की वजह से उन्हें शव छोड़कर भागना पड़ा।

दो टाप लीडर

पुलिस का अनुमान है कि मारे गए दो लोग माओवादियों के टाप लीडर हो सकते हैं। एके-47 जैसे हथियार वे ही रखते हैं। नक्सलियों के जानकारों के मुताबिक काली वर्दी में जितने नक्सलियों के शव मिले, सभी सेंट्रल मिलेट्री कमीशन के सदस्य हो सकते हैं। यह माओवादियों का सर्वोच्च लड़ाकू दस्ता है। बहरहाल, शवों की पहचान के लिए ग्रामीणों की मदद ली जा रही है।





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