जयपुर/अजमेर. पैसे देकर न्यास अध्यक्ष बनने की सीडी जारी होने के मामले में अजमेर नगर सुधार न्यास के डिप्टी टाउन प्लानर अरुण उपाध्याय को एपीओ कर दिया गया है। स्वायत्त शासन राज्यमंत्री सुरेन्द्र गोयल ने बताया कि उपाध्याय के बारे में पहले से भी भ्रष्टाचार और अन्य कई तरह की शिकायतें मिल रही थीं।
इस सीडी के बारे में वे वस्तुस्थिति की जांच कराएंगे। अभी तात्कालिक तौर पर सीडी की सच्चई के बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता। अभी सीडी में जिन लोगों की बातचीत का ब्योरा है, उनकी आवाज का परीक्षण कराया जाना है। इसके बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
क्या था मामला?
डिप्टी टाउन प्लानर अरुण उपाध्याय ने 10 करोड़ रुपए का निवेश करके धर्मेश जैन द्वारा अध्यक्ष पद लेने का दावा किया था। सोमवार को जारी सीडी में यह भी दावा किया था कि पेचीदा से पेचीदा मामले वह चुटकी में हल करवा सकता है। नगर नियोजन विभाग में बिना पैसे कोई काम नहीं होता है। चेयरमैन के लिए भी उपाध्याय ने पैसे लेने की बात कही थी।
करते हुए कहा है कि व्यापारी आदमी है, इंवेस्टमेंट किया है तो वसूल भी करेगा।
न देवनानी की, न एसएन गुप्ता की
मैं मुख्यमंत्री की पसंद : जैन
शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी दावा करते हैं कि आपको उन्होंने चेयरमैन बनवाया है। अब उन्हीं के नजदीकी आरोप लगा रहे हैं। लेनदेन देवनानी के जरिए हुआ था या सीधे एसएन गुप्ता से?
मुझे किसी ने चेयरमैन नहीं बनवाया। मेरा चयन मेरिट से हुआ। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने मेरी छवि देखकर नियुक्त किया। रहा लेनदेन का सवाल तो एसएन गुप्ता ने तो अपनी जेब से चाय पिलाई..खाना खिलाया।
डीटीपी अरुण उपाध्याय आपके नजदीकी हैं, वे कोई बात कहेंगे तो लोगों को भरोसा तो होगा ही?
अफसर कब किसके नजदीकी होते हैं? जो भी व्यक्ति ऐसे धंधे करता है, वह ऐसे हथकंडे अपनाता ही है।
सीडी में कही बातों की जांच के लिए आप कोई पहल करेंगे?
कर दी.. सरकार से आग्रह किया है कि प्रकरण की जांच कराए और दोषी को दंडित करे।
सीडी के पीछे कौन हो सकते हैं? आपकी पार्टी के लोग या और कोई ?
जिस तरह का राजनीतिक माहौल है, उसको देखते हुए पार्टी के लोग भी शामिल हो सकते हैं। मैंने जिस दिन से काम संभाला, जानबूझ कर ऐसे अफसर दिए गए, जिन्होंने कामों में बाधा डाली। तमाम अफसर व्यक्ति विशेष की सिफारिश से लगते रहे और उसके इशारे पर नाचते रहे।
क्या व्यक्ति विशेष शिक्षा राज्यमंत्री हैं?
आप ही तलाश लीजिए, मेरे द्वारा कराए कामों से चुनाव में किन-किन को परेशानी हो सकती है?