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स्टेडियम स्वीमिंग पूल लीज पर!

जयपुर. राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (आरसीए) को स्टेडियम सौंपने के बाद अब राज्य खेल परिषद ने एसएमएस स्टेडियम के तीनों स्वीमिंग पूल तैराकी संघ को सौंपने की तैयारी कर ली है। इसमें हाल ही बना ऑल वेदर स्वीमिंग पूल भी शामिल है जिसका अभी उद्घाटन भी नहीं हुआ है। खेल परिषद और तैराकी संघ में चल रही बातचीत एमओयू ड्राफ्ट होने तक पहुंच गई है।

सरकार ने डेढ़ करोड़ रुपए खर्च करके हाल ही स्टेडियम परिसर में ऑल वेदर स्वीमिंग पूल का निर्माण कराया है। मुख्यमंत्री की व्यस्तता के कारण अभी इसका उद्घाटन नहीं हो पाया है। लीज की अवधि पर सहमति नहीं बन पाना एमओयू में बाधा बना हुआ है। खेल परिषद तैराकी संघ को इंटरनेशनल और मिनी स्विमिंग पूल भी दो साल के लिए देना चाहती है, जबकि तैराकी संघ कम से कम सात साल के लिए स्वीमिंग पूल मांग रहा है।

सूत्रों के अनुसार राज्य से अच्छे तैराक तैयार करने के लिए खेल परिषद अकादमी के नाम पर तैराकी संघ को स्वीमिंग पूल सौंपना चाहती है। हकीकत यह है कि तैराकी संघ चार साल पहले ही अकादमी बंद कर चुका है। इधर, खेल परिषद का कहना है कि इसमें कोई खास बात नहीं है। इससे पहले वॉलीबॉल, बैडमिंटन और टेनिस संघों से भी इस तरह के एमओयू किए जा चुके हैं।

पैसा कमाना हमारा उद्देश्य नहीं : शर्मा

राजस्थान तैराकी संघ के अध्यक्ष महंत कैलाश शर्मा का कहना है कि पैसा कमाना उद्देश्य नहीं है। उनका उद्देश्य तो अच्छे तैराक तैयार कर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्पर्धा में भेजना है। सरकार उन्हें तीनों स्विमिंग पूल देना चाहती है।

अकादमी के लिए दो साल की अवधि कम है, इसलिए वे कम से कम सात साल के लिए पूल लेना चाहते हैं। यदि इसमें भी सरकार को आपत्ति हो तो वे केवल चार लेन से ही अपना काम चला लेंगे। पूल लेने का कारण यह भी है कि तैराकों को अभी केवल दो घंटे अभ्यास के लिए मिलते हैं। राजकीय अवकाशों में पूल बंद कर दिए जाते हैं। अभ्यास के लिए कम से कम सात घंटे स्वीमिंग जरूरी है। पहले वे नि:शुल्क प्रशिक्षण के लिए अकादमी चलाते थे, लेकिन चार साल पहले वह बंद करनी पड़ी।

बात चल रही है, अभी पूल दिए नहीं हैं : सहारण

राज्य खेल परिषद के सचिव ताराचंद सहारण का कहना है कि स्वीमिंग पूल तैराकी संघ को देने के लिए सरकार के स्तर पर बातचीत चल रही है। इससे पहले भी खेल परिषद आरसीए के अलावा टेनिस, बैडमिंटन और वॉलीबाल संघ को भी मैदान सौंप चुकी है। तैराकी संघ के अध्यक्ष कौन हैं, उनकी किनसे बात चल रही है, इस बारे में राज्य खेल सचिव ही कुछ बता सकते हैं।

आईपीएल को लेकर खलबली, मुख्यमंत्री ने मांगी जानकारी

सवाई मानसिंह स्टेडियम में एमओयू की शर्तो के विरुद्ध आईपीएल के आयोजन को लेकर मंगलवार को खेल विभाग और सरकार में खलबली मची रही। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इस बारे में युवा एवं खेल मंत्री प्रतापसिंह सिंघवी और खेल परिषद से वस्तुस्थिति की जानकारी मांगी। उल्लेखनीय है कि ‘दैनिक भास्कर’ ने मंगलवार को स्टेडियम में आईपीएल और काउंसिल की कुश्ती शीर्षक से प्रकाशित समाचार में इस मामले को उजागर किया था। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह भी जानकारी चाही कि आखिर ये खबरें लीक कौन कर रहे हैं।

प्रस्तावित एमओयू में क्या?

>> तैराकी संघ को ऑलवेदर, इंटरनेशनल और मिनी स्वीमिंग पूल निश्चित अवधि के लिए दिए जाएंगे।
>> खेल परिषद स्वीमिंग पूल के परिसर भी संघ को सौंपेगी, जो अकादमी चलाने एवं उपकरण रखने के काम आएंगे।
>> काउंसिल जिला स्तर पर मैडल विजेता और इससे ज्यादा उपलब्धियां हासिल करने वाले तैराकों को मुफ्त स्वीमिंग के लिए मनोनीत कर सकेगी।
>> पूल के रखरखाव और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों के लिए सभी तरह की सुविधाएं संघ अपने खर्चे पर करेगा।
>> पूल का उपयोग निर्धारित अवधि में केवल तैराकी के लिए किया जाएगा। संघ अन्य लोगों को भी तैराकी की सुविधा दे सकेगा।
>> स्विमिंग पूल के खर्चो को चलाने, कोच, लाइफगार्ड आदि के वेतन-भत्तों के लिए संघ तैराकों से शुल्क भी ले सकेगा।
>> कोष विकसित करने के लिए संघ आजीवन सदस्यता भी दे सकेगा।
>> स्टेडियम के रखरखाव के लिए हर महीने संघ आय की 50 फीसदी राशि देगा।
>> जमीन हस्तांतरण नहीं होगी। पूल का स्वामित्व और कब्जा खेल परिषद का ही रहेगा।
>> कोई भी पक्षकार एक माह का नोटिस देकर एमओयू को निरस्त कर सकेगा।
>> एमओयू की शर्तो का उल्लंघन पाए जाने पर खेल सचिव करार निरस्त कर सकेगा।
>> बिजली का बिल खेल परिषद और तैराकी संघ मिलकर चुकाएंगे।





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