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एक-डेढ़ माह में सुधर जाओ

जयपुर. rajeभाजपा विधायक दल की बैठक में मंगलवार को मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे पार्टी विधायकों पर जमकर बरसीं और कहा कि फीडबैक रिपोर्ट के अनुसार उनकी हालत ठीक नहीं है। मुख्यमंत्री ने चेताया कि एक-डेढ़ माह में विधायकों ने हालत नहीं सुधारी तो वे सुधार देंगी। विधायक इलाकों में नियमित रूप से नहीं जाते हैं, जिससे न तो बजट घोषणाओं और न ही सरकार की अन्य उपलब्धियों का प्रचार हो पाता है।

टिकट कटने का खतरा

मुख्यमंत्री के गरजने-बरसने के अंदाज से कई विधायकों को टिकट कटने का भी खतरा हो गया। ज्यादातर भाजपा विधायक मुख्यमंत्री की चेतावनी को विधानसभा चुनाव से जोड़कर देख रहे हैं। हां पक्ष लॉबी और कैंटीन में विधायक यह चर्चा भी करते सुने गए कि इस बार कइयों के टिकट खतरे में हैं।

आदिवासी विधायक गौतमलाल मीणा और अजरुनलाल मीणा ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के आदिवासी क्षेत्र के संभावित दौरे को लेकर आदिवासियों में उत्सुकता की बात कही तो मुख्यमंत्री ने कहा कि सोनिया के दौरे के तत्काल बाद चार गुना ज्यादा भीड़ वाला एक कार्यक्रम एक माह के भीतर किसी भी आदिवासी क्षेत्र में पार्टी की ओर से किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 मार्च को धर्म स्वातं˜य विधेयक पर चर्चा के दौरान सभी विधायक सदन में मौजूद रहें और कांग्रेस के विरोध की आशंका को देखते हुए विधेयक को पारित कराने के लिए डटे रहें। पूर्व खाद्य मंत्री किरोड़ीलाल मीणा ने कहा कि राशन डीलरों की दुकानों के आवंटन में शिविर लगाकर भाजपा कार्यकर्ताओं को लाभ दिया जाना चाहिए।

चेतावनी की घड़ी

बैठक में मुख्यमंत्री और मंत्रियों सहित सभी विधायकों को कीमती मार्बल की घड़ियां बांटी र्गई। यह नजराना मार्बल व्यवसायियों की ओर से था, जिसे मकराना विधायक भंवरलाल राजपुरोहित ने बंटवाया। राजपुरोहित ने कहा-खास तरह के मार्बल पर कमल के फूल के आकार बनी ये घड़ियां काफी खूबसूरत हैं।

मैं 150 घड़ियां लाया था, ये सभी बंट र्गई। असल में इस बार मुख्यमंत्री ने हमारे इलाके के मार्बल व्यवसायियों पर लगने वाली रॉयल्टी को कम कर दिया है। कांग्रेस वालों को ये घड़ियां इसलिए नहीं दी, क्योंकि ये कमल के फूल पर बनी थीं।

बैठक में श्रम और रोजगार मंत्री रामकिशोर मीणा ने रोजगार मेलों की चर्चा छेड़ी तो कई विधायकों ने एक साथ उन्हें आड़े हाथों लेते हुए कहा कि विधायकों को सूचना दिए बिना ऐसे मेलों का क्या औचित्य है। इस पर मुख्यमंत्री ने मीणा को नसीहत दी कि वे भविष्य में ऐसे मेले लगाते समय पहले विधायक से मंजूरी लें और फिर कार्यक्रम तय करें।





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