नई दिल्ली/इस्लामाबादपाकिस्तान में आतंकवाद के आरोपों में मौत की सजा पाए सरबजीत के मामले में पाकिस्तान के मानवाधिकार मंत्री अंसार बर्नी के बयान से उम्मीद की थोड़ी किरण दिखाई दी है। उन्होंने इस बात से इनकार नहीं किया है कि सरबजीत की मौत की सजा उम्रकैद में तब्दील हो सकती है।
उसने 18 साल जेल में बिता दिए हैं, इसलिए राष्ट्रपति मुशर्रफ उसकी मौत की सजा उम्रकैद में तब्दील कर सकते हैं। अगर सरबजीत के साथ उदारता बरतने की कोई अपील है तो मैं उसे राष्ट्रपति को भेज दूंगा। बर्नी ने यह बात उसकी बहन से टेलीफोन पर कही। उधर भारत ने मंगलवार को मानवीयता की दुहाई देते हुए पाकिस्तान सरकार से उसे माफी देने की अपील की है।
सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने भी दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग को एक दया याचिका सौंपी है। दलबीर ने मुशर्रफ से नरमी दिखाने और परिजनों को सरबजीत से मिलने की अनुमति देने की गुजारिश की है।
मुशर्रफ दे सकते हैं माफी :
बर्नी ने दलबीर कौर से कहा, ‘सरबजीत के लिए माफी के मौके अब भी हैं। यदि राष्ट्रपति मुशर्रफ को सरबजीत के परिजनों की दया याचिका मिले तो संविधान के अनुच्छेद 45 के तहत उन्हें माफी देने का अधिकार है। राष्ट्रपति उसकी सजा उम्रकैद में बदल सकते हैं।’ इससे पहले बर्नी ने कहा था कि उन्हें सरबजीत से कोई सहानुभूति नहीं है क्योंकि वह आतंकवादी है।
अपील का क्या होगा :
पाक विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता मोहम्मद सादिक ने कहा, ‘भारत सरकार ने सरबजीत सिंह उर्फ मनजीत सिंह की माफी के लिए औपचारिक रूप से हमसे संपर्क किया है। हम भारत की अपील को संबंधित अधिकारियों के ध्यान में ला रहे हैं। यह कहना मुश्किल है कि इस अपील का क्या होगा।’ इसके पहले पाकिस्तानी गृह मंत्रालय के प्रवक्ता जावेद इकबाल चीमा ने भारत से कोई औपचारिक अनुरोध मिलने से इनकार कर दिया था। उन्होंने कहा था कि 1 अप्रैल को सरबजीत की फांसी तय है।
आपसी रिश्तों के लिए घातक :
भारत ने पाक को यह संदेश दे दिया है कि भारतीय हिरासत में पाकिस्तानी कैदी की मौत के बदले में सरबजीत को फांसी देने का कोई भी संकेत दोनों देशों के बीच मौजूदा सकारात्मक वातावरण के लिए घातक होगा।
पीएम का जवाब : प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल की चिट्ठी के जवाब में कहा कि मामला पाक सरकार के साथ शीर्ष स्तर पर उठाया गया है। सरकार सरबजीत की रिहाई के लिए प्रयास कर रही है।