इस्लामाबाद: पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने सरबजीत की फांसी 30 अप्रैल तक के लिए टाल दी है। आतंकवाद के आरोपों में उसे एक अप्रैल को सजा दी जानी थी। विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने बुधवार को संसद में बताया कि उन्हें इस्लामाबाद स्थित भारतीय हाई कमीशन से संदेश मिला कि मुशर्रफ ने सरबजीत की सजा पर 30 अप्रैल तक टाल दी है।
इस्लामाबाद में विदेश मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि बुधवार को भारत सरकार से माफी के लिए औपचारिक अपील मिलने के बाद मुशर्रफ ने सजा स्थगित करने का निर्णय लिया है। अब इस पर पाकिस्तान सरकार के संबंधित अधिकारी विचार करेंगे। फैसले से भारतीय उच्चयोग को औपचारिक रूप से अवगत करा दिया गया है। ‘द नेशन’ ने पाक विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी के हवाले से बताया कि मुशर्रफ सरबजीत को माफी दे भी सकते हैं, यदि ऐसा होता है तो यह मानवीय आधार पर होगा।
फैसला नई सरकार के हाथ :
पाक मानवाधिकार आयोग की अध्यक्ष अस्मा जहांगीर के मुताबिक सरबजीत का फैसला नई सरकार के हाथ में है। नई दिल्ली में एक सम्मेलन के लिए आईं अस्मा ने कहा, ‘समस्या यह है कि मुशर्रफ हमारी सुन नहीं रहे हैं, हम प्रयास कर रहे हैं।’
पाक जा सकेंगे परिजन :
सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने बताया कि सोनिया गांधी ने सरबजीत के परिवार को पाक यात्रा के लिए दस्तावेज उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। इसके बाद दलबीर कौर, सरबजीत की पत्नी और उसकी दो बेटियों से संबंधित दस्तावेज अधिकारियों को सौंप दिए गए। दलबीर ने मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी।
पाकिस्तान के कार्यवाहक मानवाधिकार मंत्री अंसार बर्नी ने एक चैनल से चर्चा में सरबजीत के परिवार के ठहरने का बंदोबस्त करने और सरबजीत से मुलाकात कराने की बात कही है।
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