भई होली की बात हो और भांग की बात न हो तो बेकार है। होली में भांग से बनी शर्बत ठंडई पीने का अपना ही मजा है।
भांग भांग एक प्रकार का पौधा है जसिकी पत्तियों को पीस कर भांग तैयार की जाती है। उत्तर भारत में इसका प्रयोग बहुतायत से स्वास्थ्य, हल्के नशे तथा दवाओं के लिए किया जाता है।
ठंडई बनाने की विधि:
सामग्री: 1/2 लिटर पानी, 1/2 कप चीनी, 1 कप दूध, 1 चम्मच अलमंड्स, 1 चम्मच बीज रहति तारबूज का रस, 1/2 चम्मच खसखस(पॉपी सीड्स), 1/2 चम्मच सौंफ, 1/2 इलायची पाउडर, 1/2 चम्चम गुलाब जल, 1 चम्मच पपिरकार्नस होल, 1/2 कप सूखा या गुलाब की पत्तियां
बनाने की विधि:
* चीनी को आधे कप पानी में भिगॊ कर अलग रखें। * सूखे हुए सभी सामग्री को अच्छी तरह धो लें। * एक कप पानी में सभी को डूबो लें और इसको अलग रखें। * पानी में डूबे सभी सामग्री को 2 घंटे के लिए छोड़ दें। * पानी में फूले हुए सभी सामग्री को मक्सिर ग्रिन्डर में पीसकर पेस्ट बना लें। * अच्छी तरह से बने इस पेस्ट को बचे हुए पानी में घोलें। * फिर एक बड़े मक्सिर ग्रिंडर में सभी साम्रगी को डालें, फिर उसमें इलायची, दूध, चीनी, गुलाब जल डालकर मक्सी को चलाएं। * जब आपका ठंडई तैयार हो जाए तो इसे रॆफ्रॆज़ॆररेटर में ठंडे होने के लिए 45 मिनट के लिए के रख दें। * एक घंटे बाद अब आप अपने मेहमानों के सामने इसे पेश करें।
भांग का नशा कैसे उतरे:
भांग का नशा ज्यादा चढ़ गया हो तो पकी ईमली 30 ग्राम 250 ग्राम पानी में भिगॊकर, मथकर, छानकर उसमें 30 ग्राम गुड मिलाकर यह इमली का पानी पलिएं ।
या भांग का नशा उतारने के लिए छाछ पिलाएं अथवा मीठा ताजा दही खिलाएं।
या नींबू चूसने को दें अथवा नींबू का आचार खाने को दें।
भांग के नशे से उत्पन्न बेहोशी दूर करने के लिए सरसों का तेल गर्म करके गुनगुने सरसों के तेल की बूंदें रोगी के दोनों कानों में डालें।
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