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घूस पर विस में हंगामा

भोपाल.b राज्यसभा चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार के पक्ष में वोटिंग के लिए कांग्रेस की ओर से दस लाख रुपए रिश्वत देने के सपा विधायक किशोर समरीते के आरोप पर बुधवार को विधानसभा में जमकर हंगामा हुआ। प्रश्नकाल भी नहीं हो सका। संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा सपा विधायक की बात सदन में सुने जाने पर जोर दे रहे थे। श्री समरीते ने अध्यक्ष को सौंपे पत्र में कांग्रेस से जान का खतरा होने की आशंका जताई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा सरकार उन्हें पूरा संरक्षण देगी।

सदन में प्रश्नकाल शुरू होने से पहले जैसे ही कांग्रेस विधायक खड़े हुए सत्ताधारी दल भाजपा के सदस्य नारे लगाने लगे ‘हार्स ट्रेडिंग नहीं चलेगी’। उन्होंने अखबारों में छपी खबरों का जिक्र किया। कई विधायकों ने सदन में दैनिक भास्कर भी लहराया। कांग्रेस विधायक भी जोर-जोर से बोलने लगे, सदन शोर शराबे में डूब गया। संसदीय कार्यमंत्री नरोत्तम मिश्रा कुछ कहना चाहते थे लेकिन हंगामे की वजह से वे अपनी बात नहीं कह पाए। अध्यक्ष ईश्वरदास रोहाणी ने कार्यवाही साढ़े ग्यारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी। बजट सत्र में पहली बार प्रश्नकाल नहीं हो सका।

साढ़े ग्यारह बजे सदन समवेत होते ही सत्ता पक्ष के सदस्य फिर ‘हार्स ट्रेडिंग बंद करो’ नारे लगाने लगे। पक्ष-विपक्ष में तीखी नोंकझौंक के बीच नेता प्रतिपक्ष जमुना देवी ने कहा कि वोटों की जरूरत तो सत्ता पक्ष को थी, राज्यसभा चुनाव में भाजपा अपना तीसरा प्रत्याशी वापस ले। सज्जन सिंह वर्मा, आरिफ अकील समेत अन्य कांग्रेस विधायक जोर जोर से बोलने लगे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, अनूप मिश्रा, विधायक लाल सिंह आर्य, कैलाश चावला भी एक साथ बोलने लगे। जैसे ही वे शांत हुए अध्यक्ष ने नारेबाजी कर रहे कांग्रेस विधायकों के व्यवहार को घोर निंदाजनक बताया और सत्ता पक्ष के सदस्यों की प्रशंसा की।

कांग्रेस सदस्य अध्यक्ष के खिलाफ नारे लगाने लगे। अध्यक्ष ने विपक्षी सदस्यों से कहा कि वे लोकतंत्र की हत्या कर रहे हैं। हंगामे के बीच अध्यक्ष ने कहा कि विपक्ष का यही रवैया है तो फिर मैं हूं तानाशाह। संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने फिर कहा कि सपा विधायक समरीते को बोलने का मौका दिया जाए। अध्यक्ष ने कहा कि उन्हें मौका दिया जाएगा। श्री मिश्रा ने कांग्रेस पर विधायक को खरीदने की कोशिश का आरोप लगाया। इस बीच श्री समरीते ने विधानसभा अध्यक्ष को पत्र दिया। अध्यक्ष ने कहा कि श्री समरीते ने पत्र में कांग्रेस से जान का खतरा होने की आशंका जताई है, सरकार उन्हें संरक्षण दे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि श्री समरीते को सरकार पूरा संरक्षण देगी। अध्यक्ष ने शोर शराबे के बीच कार्यसूची में शामिल सभी विषयों की कार्यवाही पूरी करा दी। कांग्रेस की नारेबाजी जारी रही और सदन में बजट सत्र समाप्ति के लिए राष्ट्रगान शुरू हो गया। राष्ट्रगान के बाद विधानसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गई।

जांच एएसपी करेंगे

किशोर समरीते को दी गई 10 लाख रुपए की रिश्वत के मामले की जांच एडीशनल एसपी स्तर के अधिकारी करेंगे। एसपी जयदीप प्रसाद ने नए शहर के एएसपी जीके पाठक को जांच अधिकारी नियुक्त किया है।

मंगलवार की शाम को श्री समरीते ने आरोप लगाया था कि राज्यसभा चुनाव के लिए निर्दलीय प्रत्याशी विवेक तन्खा को वोट देने के लिए पूर्व मंत्री राजेंद्र सिंह ने नर्मदा प्रसाद प्रजापति के साथ 10 लाख रुपए भिजवाए थे। यह रुपए जहांगीराबाद पुलिस ने जब्त कर लिए हैं। उन्होंने जहांगीराबाद पुलिस को इस पूरे मामले की लिखित शिकायत की थी। भ्रष्टाचार से जुड़े मामले की जांच राजपत्रित अधिकारी करते हैं। इसके चलते एसपी श्री प्रसाद ने जांच का काम एएसपी श्री पाठक को सौंपा है। श्री पाठक मामले से जुड़े सभी पक्षों के बयान लेंगे। साक्ष्य जुटाएंगे इसके बाद एफआईआर दर्ज की जाएगी।

मामला चुनाव आयोग पहुंचा

श्री समरीते ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी जेएस माथुर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त को संबोधित शिकायत सौंपी, जिसमें कहा है कि कांग्रेस समíथत निर्दलीय उम्मीदवार को वोट देने के लिए कुल 25 लाख रूपए की रिश्वत की पेशकश की गई थी।

इसकी सूचना उन्होंने केंद्रीय जांच ब्यूरो(सीबीआई) के पुलिस महानिरीक्षक को भी दी जिन्होंने कथित रूप से इस मामले में सहयोग करने से इंकार किया। श्री समरीते ने कहा कि इस पर उन्होंने भोपाल के पुलिस अधीक्षक जयदीप प्रसाद से बात की और मीडिया को भी इसकी सूचना दी।उन्होंने कहा है कि चुनावी राजनीति में खरीद फरोख्त के इस कारोबार की रोकथाम के लिए गहराई से जांच पडताल के बाद दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।

उधर श्री तन्खा ने अपने अधिवक्ता के जरिए भिजवाई अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि श्री समरीते आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति हैं। वर्ष २क्क्३ में राज्य के महाधिवक्ता के रूप में उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस न लिये जाने के कारण सपा विधायक उनसे द्वेष भावना रखते हैं। उन्होंने इस पूरे प्रकरण को राजनीतिक षडयंत्न बताते हुए कहा कि उनकी चुनावी संभावनाओं को प्रभावित करने के लिए ऐसा किया गया। श्री तन्खा ने कहा कि एक अधिवक्ता के नाते वह सदैव न्याय के लिए प्रयास करते रहे हैं और इस मामले में भी सत्य को सामने लाने में वह कोई कोर कसर नहीं छोडेंगे।

‘‘ दोनों शिकायतें केंद्रीय निर्वाचन आयोग के पास भिजवा दी है। आगे की कार्रवाई वहीं सुनिश्चित होगी। ’’

जेएस माथुर,मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी





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