भोपाल. राजधानी में होलिका दहन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस वर्ष सात सौ से अधिक स्थानों पर होलिका दहन होगा। होलिका दहन स्थल रंगबिरंगी झंडियों से सजने लगे हैं। 21 मार्च को पूजा के बाद होलिका दहन किया जाएगा। इसके लिए गौ-धूलि वेला से रात 10.43 बजे तक का मुहूर्त श्रेष्ठ है। बाजारों रंग-पिचकारियों के साथ ही त्योहारी खाद्य सामग्री की खरीद-फरोख्त बढ़ गई है।
पेड़ों की सुरक्षा के लिए गश्त: होलिका दहन का समय पास आते ही जिला प्रशासन व वन विभाग सक्रिय हो गया है। वन विभाग की टीम ने पेड़ों की सुरक्षा के लिए रात्रि गश्त शुरू कर दिया है। कलेक्टर आरके माथुर ने कहा है कि पेड़ काटने पर पकड़े जाने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि होलिका दहन के लिए 14 स्थानों पर खोले गए गए डिपो से ही लकड़ी खरीदें। लकड़ी का मूल्य दौ सौ तीस रुपए क्विंटल निर्धारित किया गया है। वहीं दूसरी ओर मप्र मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने लोगों से अपील की है कि वे बिजली की लाइनों के नीचे होलिका दहन न करें। आग की लपटों से एल्युमीनियम तारों के गलने व टूटने की संभावना रहती है।
इन बातों का रखें ध्यान
-सूखे रंग और गुलाल से ही होली खेलने का प्रयास करें।
-कैमिकल मिले रंगों का उपयोग न करें।
-होली खेलते समय शराब और अन्य प्रकार का नशा न करें।
-नशे की हालत में वाहन ने चलाएं।