भोपाल. नगर निगम के 2008-09 के बजट में जलदर बढ़ाने का प्रस्ताव किया गया हैं। यदि इसे जस का तस मान लिया गया, तो आम आदमी को जलदर के रूप में 180 रुपए प्रतिमाह चुकाने होंगे। बुधवार को निगम परिषद की बैठक में बजट पेश किया गया। अब इस पर 24 मार्च को चर्चा होगी। इस बार बिना लाभ-हानि का बजट पेश किया गया है। नौ अरब 58 लाख 16 हजार रुपए की आय के विरुद्ध नौ अरब 57 लाख 52 हजार रुपए का व्यय दर्शाया गया है।
जलदर वृद्धि : जलदर वृद्धि का प्रस्ताव एशियाई विकास बैंक (एडीबी) योजना की ऋण की शर्र्तो के अनुसार किया गया है। इसमें 2008 में जलदर 180 रुपए प्रतिमाह करने का प्रस्ताव है, जो 2009 में 190 रुपए प्रतिमाह हो जाएगी। वर्तमान में जलदर 60 रुपए प्रतिमाह है। इसके माध्यम से निगम को 20 करोड़ रुपए की अतिरिक्त आय संभावित है। 24 मार्च को बजट पर चर्चा के दौरान भाजपा पार्षद दल इसका विरोध करेगा। संभावना है कि जलदर सौ रुपए करने पर सहमति मिल जाएगी। प्रस्ताव में कहा गया है कि आर्थिक सुधार नहीं किया गया, तो एडीबी व जेएनएनयूआरएम के तहत मिलने वाली वित्तीय सहायता में बाधा पड़ सकती है। कर लगाओ, कोटा पाओ: बजट में निगम परिषद अध्यक्ष की निधि समाप्त कर दी गई है। महापौर कोटा व पार्षद कोटा के लिए भी शर्त जोड़ दी गई है। बजट में जलदर, नर्मदा उपकर, विज्ञापन कर, निर्यात कर की सूची के पुनरीक्षण और लाइसेंस फीस, तहबाजारी व नामांतरण शुल्क के युक्तियुक्तकरण का प्रस्ताव है। इन सभी मदों को मिला कर निगम को 31 करोड़ रुपए से ज्यादा आय की संभावना है।
विकास कार्य होंगे : बजट भाषण में महापौर सुनील सूद ने अब तक किए गए कार्र्यो का विवरण दिया। उन्होंने आगामी योजनाओं की जानकारी भी दी। श्री सूद ने कहा कि पार्किग व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए शीतला नगर में भूमि के तीन प्रस्ताव, दशहरा मैदान के पास सरकारी मकानों की जमीन, श्यामला हिल्स पर पार्किग केलिए जमीन और एमपी नगर में पूर्व थाने की जमीन जल्द निगम प्रशासन को आवंटित हो।