जयपुर. कागजों में अरोमा सिटी आवासीय कॉलोनी बनाकर हरियाणा की एक कंपनी की सहायता से 254 लोगों से करीब दो करोड़ रुपए ऐंठने वाले दो भू माफियाओं को एसओजी ने बुधवार तड़के गिरफ्तार किया है। जयपुर व हरियाणा की कंपनियों के शेष आरोपियों की तलाश में एसओजी की टीमें भेजी गई हैं।
राज्य विशेष आर्थिक अपराध डीआईजी ए. पौन्नूचामी ने बताया कि हरियाणा गुड़गांव के गणोश कुमार ने रिपोर्ट दी थी कि आतिश्य कॉलोनाइजर एंड बिल्डर्स जयपुर व रियल प्रमोटर्स गुड़गांव के पदाधिकारियों ने अरोमा सिटी आवासीय योजना चाकसू (जयपुर) के नाम से प्लाट बेचे। आज तक किसी खरीदार को कब्जा नहीं दिया गया है। वर्ष 2006 में दोनों कंपनियों ने इस योजना के 90 बी होने के बड़े-बड़े बोर्ड लगाकर लोगों को लुभाया था। एसओजी के एएसपी केसर सिंह को जांच सौंपी गई थी।
जांच में सामने आया कि 254 लोगों से चेक से दो करोड़ रुपए की राशि प्लाट बेचने के नाम पर ली गई। अरोमा सिटी आवासीय योजना के नाम से कोई योजना जेडीए या अन्य जगह पेश नहीं की गई और न ही कहीं इस नाम से जमीन खरीदी गई। इस पर एसओजी ने आतिश्य कॉलोनाईजर एंड बिल्डर्स के पदाधिकारी अजमेर मिशन कम्पाउंड निवासी अनवर खान (40) व रियल प्रमोटर्स गुडगांव के उमेश अरोड़ा (41) को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को कोर्ट ने दो दिन के रिमांड पर भेजा है।
जयपुर में साजिश :
आतिश्य कॉलोनाइजर्स एंड बिल्डर्स का कार्यालय संसारचंद्र रोड पर सिटी सेंटर के प्रथम फ्लोर पर खोला गया। इसके पदाधिकारी अनवर खान, महेश शर्मा, अजीत गोलछा व मिथलेश देवी अग्रवाल ने अरोमा सिटी की योजना बनाई। इसके बाद प्रचार, प्रसार व प्लाट बेचने के लिए गुड़गांव रियल प्रमोटर्स के पदाधिकारी उमेश अरोड़ा, दीपक भाटिया व अनुकूल पोखरियाल उर्फ कुमार से 3 मई 2006 में लिखित अनुबंध किया।
भूखंड की दर 1951 रु. प्रति वर्गगज दर तय की गई, जिसमें 1251 रु. आतिश्य कॉलोनाइजर्स व 700 रु. रियल प्रमोटर्स को देना तय हुआ। अनुबंध के समय आतिश्य कॉलोनाइजर के पास कोई भूमि नहीं थी। केवल कागजों में योजना बनाई गई। इसके बाद रियल प्रमोटर्स ने प्लाट बेचने शुरू कर दिए और दो करोड़ रुपए आतिश्य कॉलोनाइजर के आईडीबीआई बैंक के खाते में जमा कराए।