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स्थानीय डिजाइनरों पर भारी ‘चहेते’

जयपुर. आमेर महल के जिन हिस्सों का जीर्णोद्धार पूरा होता जा रहा है, उन जगहों को बिना टेंडर खोले चहेती फर्म्स और नजदीकी लोगों को लीज पर सौंपने की तैयारी की जा रही है।

राजस्थानी डिजाइनरों को नजरंदाज कर दो प्रमुख जगहों (सर्वेट क्वार्टर्स और मीना बाजार) में बुटीक सेंटर खोलने के लिए देशी-विदेशी फैशन डिजाइनरों के नाम तय कर लिए गए हैं, जो आमेर महल का दौरा कर जगह भी पसंद कर चुके हैं।

बुटीक सेंटर में स्थानीय डिजाइनरों को नजरंदाज किए जाने के बारे आमेर विकास एवं प्रबंध प्राधिकरण (एडीएमए) के कर्ताधर्ताओं का कहना है कि हमने अंतरराष्ट्रीय बाजार के नामी-गिरामी फैशन डिजाइनरों को मौका दिया है, जिससे उनके विदेशों में स्थित आउटलेट्स में खासी सेल हो।

इस लिहाज से राजस्थान के डिजाइनर नहीं टिकते। बुटीक सेंटरों के लिए जगहों का आबंटन करीब 5 साल के लिए कुल कमाई में से 10 से 15 प्रतिशत कमीशन के आधार पर किया जा रहा है। हर क्वार्टर दो फ्लोर में बंटा है, जिसमें ऊपर नीचे बरामदे व दो कमरों सहित बीच में चौक और दो छोटी कोठरी बनी हैं।

पर्यटन जानकारों के अनुसार बुटीक सेंटरों की जगह एडीएमए यदि राजस्थान सरकार के उपक्रम राजस्थली को मौका देता तो सरकार को मोटा राजस्व मिलता, वहीं राजस्थानी कलाकारों की बनाई चीजों की बिक्री बढ़ने से उनको भी नई पहचान मिलती।

असली काम प्रभावित :

पर्यटन विशेषज्ञों के अनुसार पर्यटक यहां आमेर महल देखना चाहता हैं। इसके बाद अन्य गतिविधियां मायने रखती हैं, लेकिन अभी तक देखा जाए तो एडीएमए की ओर से उन्हीं जगहों का कार्य पूरा हुआ है, जिन्हें निजी हाथों में सौंपा गया, जबकि महल के सबसे प्रमुख हिस्सों शीशमहल, हाथी रूट, भोजनशाला के जीर्णोद्धार के कार्य की पूरी रूपरेखा भी तय नहीं हो पाई। दूसरी ओर सुख निवास के नीचे हिस्से का कार्य पूरा होते ही आर्ट गैलरी को सौंप दिया गया और अब सर्वेट क्वार्टर बुटीक सेंटर के लिए तय कर दिया गया।

फैशन डिजाइनिंग की इतनी बड़ी हस्तियों को राजी करना आसान काम नहीं है। मैंने छह महीने से ज्यादा समय लगाकर सभी को पर्सनली कन्विंस किया है। इनमें कुछ नाम तो मेरे पास थे, बाकी के लिए एफडीसीआई (फैशन डिजाइनिंग काउंसिल ऑफ इंडिया) की निदेशक का सहयोग लिया गया। इसके बाद कुछ और प्रपोजल आए थे, लेकिन जिन्होंने पर्सनली रेस्पोन्स दिखाया, उन्हीं को मौका दिया जा रहा है। वैसे सारा कार्य मुख्यमंत्री से सलाह-मशविरा करके ही किया जा रहा है।
-रितु लोहिया, बिजनेस डायरेक्टर, एडीएमए

इनको मिलेगा मौका

बुटीक सेंटर के लिए बीबी रसेल (बांग्लादेश), ब्रिजेट सिंह (फ्रांस), तरुण ताहिलयानी (दिल्ली), जफर अली (लखनऊ), रितु कुमार (दिल्ली) और राघवेन्द्र सिंह व राजेश प्रताप सिंह (जोधपुर) के नाम तय किए गए हैं।





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