जयपुर. राजस्थान हाईकोर्ट ने आरपीएससी की तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में मुस्लिम तलाकशुदा महिलाओं से अदालती तलाक की डिक्री की मांग को अनुचित बताया है।
शहनाज खान की याचिका पर न्यायाधीश पीबी मजूमदार ने आयोग को निर्देश दिए कि मुस्लिम पर्सनल लॉ के तहत वैध तलाकनामे के आधार पर मुस्लिम महिलाओं को तलाकशुदा आरक्षित वर्ग में नियुक्ति दी जाए।
आरपीएससी ने वर्ष 2006 में तृतीय श्रेणी शिक्षक की नियुक्ति के लिए जारी किए विज्ञापन में तलाकशुदा महिलाओं के लिए 645 पद आरक्षित रखे थे। मुस्लिम तलाकशुदा महिलाओं के लिए शर्त रखी कि वे कोर्ट से ली गई तलाक की डिक्री पेश करें।
शहनाज ने इस शर्त को हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि शरीयत के अनुसार मुस्लिम महिलाओं को कोर्ट से तलाक कराने की जरूरत नहीं है, इसके बिना भी तलाक दिया जा सकता है। हाईकोर्ट ने याचिका स्वीकार कर आरपीएससी को आदेश दिए कि वह शहनाज खान को तलाकशुदा आरक्षित वर्ग में नियुक्ति दे।