जयपुर. राज्य विधानसभा में बुधवार को राजस्थान भूदान यज्ञ अधिनियम (संशोधन) 2008 पारित हो गया। इस अधिनियम के पारित होने से राज्य के 20 हजार 784 लोगों को खातेदारी अधिकार मिल जाएंगे। राज्य विधानसभा में चर्चा के बाद राजस्थान भूदान यज्ञ संशोधित अधिनियम 2008 ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
राजस्व मंत्री का जवाब
राजस्व मंत्री रामनारायण डूडी ने अपने जवाब में कहा कि पचास साल बाद हजारों लोगों को उनका हक मिल जाएगा। सरकार ने उनके लिए स्थायी खातेदारी की व्यवस्था की है। यह अधिनियम लागू होते ही रेवेन्यू एक्ट के प्रावधान लागू हो जाएंगे। इसके तहत अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति के लोगों की जमीन कोई अन्य जाति का व्यक्ति नहीं खरीद सकेगा।
पक्ष-विपक्ष में तीखी तकरार
राजस्थान भूदान यज्ञ अधिनियम पर चर्चा के दौरान सदन में पक्ष-विपक्ष के बीच तीखी तकरार हुई। सत्तापक्ष ने कांग्रेस के संयम लोढ़ा को राष्ट्रद्रोही कहते हुए उन्हें सदन से बाहर निकालने की बात कही। भूदान यज्ञ बोर्ड की धारा 24 के संशोधन के प्रस्ताव पर संयम लोढ़ा बोल रहे थे। उनका कहना था कि इसमें संशोधन से किसानों को भूमिहीन बनाने का रास्ता खुल जाएगा। उनका जमीन से स्थायी मालिकाना हक खत्म हो जाएगा जो राजस्थान के लिए काला अध्याय होगा।
जब उन्होंने यह आरोप लगाया कि भाजपा जमीन बेचो और बोर्डर बेचो पार्टी है तो घनश्याम तिवाड़ी और राजेन्द्र राठौड़ सहित कई सदस्यों ने तीखी नाराजगी जाहिर की। तिवाड़ी ने कहा कि सदन में इस तरह के आरोप लगाना राष्ट्रद्रोह की श्रेणी में आता है। इसलिए संयम लोढ़ा को सदन से निष्कासित कर देना चाहिए। सदन में करीब 10 मिनट तक शोर-शराबा होता रहा। सत्तापक्ष की टिप्पणी पर कांग्रेस के डॉ. बीडी कल्ला ने कड़ी आपत्ति जताई। कांग्रेस के जुबेर खान ने कहा कि जब भूदान में मिली भूमि पर काबिज लोगों को ही मालिकाना हक देना है तो इसमें संशोधन कि जरूरत ही नहीं है।
पहले छह बार इसमें संशोधन किया जा चुका है। यह भी तय होना चाहिए कि दस साल तक मालिक भूमि का बेचान नहीं कर सके। इसके अभाव में उनकी भूमि बिल्डर और कॉलोनाइजर के हाथों में जाने की आशंका है।
डॉ. बीडी कल्ला ने कहा कि इसमें संशोधन होने के बाद भूदान की भूमि तत्काल सरकार से पास चली जाएगी। खातेदार की हैसियत किराएदार जैसी रह जाएगी। राव राजेंद्रसिंह ने कहा कि आजादी के 60 साल बाद भी हम किसानों को स्वतंत्र अधिकार नहीं दे पा रहे हैं। जमीन का मालिकाना हक मिलने के बाद किसान जो चाहे करे।
चौमूं में बनेगा बाईपास
शून्यकाल में विधायक रामलाल शर्मा ने चौमूं की बढ़ती आबादी को देखते हुए बाईपास निर्माण की मांग की। उन्होंने कहा कि राधास्वामी बाग से हाडोता गांव तक बाईपास का निर्माण कार्य जल्द शुरू करना चाहिए। जवाब में सार्वजनिक निर्माण मंत्री राजेन्द्र ंिसंह राठौड़ ने कहा कि चौमूं में 70 करोड़ की लागत से बाईपास बनाना प्रस्तावित है। सितंबर में निर्माण शुरू हो जाएगा।
विधानसभा में महंगाई
शून्यकाल में भाजपा के मदन राठौड़ ने महंगाई का मामला उठाया। उनका कहना था कि मुद्रास्फीति और महंगाई पर नियंत्रण के प्रयास होने चाहिए। खाद्य मंत्री घनश्याम तिवाड़ी ने कहा कि एपीएल, बीपीएल का कोटा बढ़ाने के लिए केन्द्र सरकार को पत्र लिखे हैं। बाजार पर निगरानी के लिए विशेष प्रकोष्ठ बनाया गया है। बी.डी. कल्ला ने कहा कि राज्य सरकार पेट्रोल-डीजल पर सेल्स टैक्स में छूट देकर जनता को राहत दे।
राम और गांधी में उलझे
राजस्थान भूदान यज्ञ अधिनियम का विरोध कर रहे कांग्रेस सदस्यों को टोकते हुए भाजपा विधायकों ने कहा कि इस कानून का विरोध कर के गांधीजी का विरोध कर रहे हो। कांग्रेसियों ने कहा, आपने भी राम को छोड़ दिया है। भाजपा सदस्य बोले, आपका राम में विश्वास ही कहां है? जवाब में कांग्रेसी बोले हमारा राम में विश्वास है, आपके पाखंड में नहीं।
भ्रष्टाचार का आरोप
राज्य विधानसभा में बुधवार को गरीबी उन्मूलन परियोजना की राशि के दुरुपयोग के मुद्दे पर ग्रामीण विकास मंत्री कालूलाल गुर्जर की खिंचाई हुई। सदन में 40 मिनट तक हंगामा रहा। आखिर में मंत्री ने सदन को आश्वस्त किया कि इस राशि का दुरुपयोग करने वाले गैर सरकारी संगठनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रश्नकाल में कांग्रेस के सीएस बैद का कहना था कि जिला गरीबी उन्मूलन परियोजना में बिना उपयोगिता प्रमाण पत्र के करोड़ों रुपए का भुगतान एनजीओ (गैर सरकारी संगठनों) को कर दिया है। परियोजना बंद होने के आखिरी समय में इन एनजीओ को यह भुगतान किया गया।
निर्दलीय हेमराज मीणा, भाजपा के किरोड़ीलाल मीणा ने भी यह मुद्दा उठाया। मंत्री ने कहा कि धन के दुरुपयोग के 240 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। 69 मामलों का निस्तारण हो चुका है। 171 मामले विभिन्न विचाराधीन है जो एनजीओ रकम जमा करा रहे हैं उन मामलों में एफआर (अंतिम रिपोर्ट) लगा दी है।
इस पर प्रतिपक्ष के नेता हेमाराम चौधरी ने कहा कि एक बार एफआईआर दर्ज होने के बाद एफआर लगाने से जुर्म कम नहीं हो जाता। बैद का कहना था कि 250 करोड़ रुपए बारां, झालावाड में आबंटित किया गया है। इस पर मंत्री का कहना था कि समान रूचि समूहों (सीआईजी) को 120 करोड़ रुपए देने हैं, जबकि उनसे वसूली 5 करोड़ की करनी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की किसी भी गैर सरकारी संगठन को बचाने की मंशा नहीं है।
छात्राओं से राशि ली साइकिल नहीं दी :
माध्यमिक स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं से 300 रुपए लेकर साइकिल वितरण नहीं करने पर विधायक ब्रजकिशोर शर्मा ने नाराजगी जताई।
उनका कहना था कि अभी तक बालिकाओं को साइकिल वितरण क्यों नहीं किया गया। इस पर शिक्षामंत्री कालीचरण सराफ ने कहा कि यह योजना इस साल शुरू की गई है। टेंडर में साइकिल की दरें ज्यादा आई थी इसलिए दुबारा निविदाएं आमंत्रित की थी। अब तीसरी बार 100 रुपए कम में टेंडर दिया गया है। मार्च तक सभी स्कूलों में साइकिलें दे दी जाएगी। अगले साल के लिए जुलाई में साइकिल दे दी जाएगी।