नई दिल्ली केंद्र के कर्मियों के लिए बहुप्रतीक्षित छठे वेतन आयोग की रिपोर्ट वीरवार को सरकार को सौंपे जाने की संभावना है। वेतनमान में कुल औसत वृद्धि 40 फीसदी के आस-पास हो सकती है। इसमें भी सैन्य कर्मियों के लिए विशिष्ट सौगातें मिलने की उम्मीद है।
सूत्रों ने बताया कि जस्टिस (रि.) बीएन श्रीकृष्णा, वित्तमंत्री पी चिदंबरम को अपनी सिफारिशें पेश कर देंगे। फिर इनकी समीक्षा में कुछ हफ्ते और लगेंगे। नई सिफारिशों के तहत कैबिनेट सचिव का वेतनमान 80,000 (फिक्स) प्रतिमाह किए जाने की संभावना है, जबकि कर्मचारियों का प्रारंभिक मासिक मूल वेतन 6500 रुपए तय हो सकता है।
सेना के लिए कुछ खास!
आयोग अधिकारियों की ऐतिहासिक कमी से जूझ रही सेना के लिए तगड़ी सिफारिशें कर इसकी सेवाओं को और आकर्षक बना सकता है। आयोग सभी सैन्य कर्मियों के लिए दायरे से भी परे जाकर ‘मिल्रिटी सर्विस पे’ (एमएसपी) की सिफारिश कर सकता है, जिसके मूल वेतन के 17 फीसदी तक होने की उम्मीद है। इससे 14 लाख सेनाकर्मियों को लाभ होगा। एमएसपी एक प्रकार का ऐसा भत्ता है, जो कई देशों में प्रचलित है और यह सैन्य जीवन की कठिनाइयों की भरपाई के रूप में दिया जाता है।
पद-वेतनमान का संबंध खत्म!
एक महत्वपूर्ण सिफारिश यह हो सकती है कि आयोग पदों और वेतनमान का संबंध खत्म कर दे और नियमित अंतरालों के बाद नियमित वेतन वृद्धि की सिफारिश करे। आयोग मौजूदा 35 वेतन ढांचों की संख्या घटाकर करीब 16 कर सकता है। महानगरों में रहने वालों के लिए एचआरए 30 फीसदी हो सकता है। अन्य इलाकों के लिए इसे कम करके 15 फीसदी किया जा सकता है।
वैज्ञानिकों के लिए भी महत्वपूर्ण बदलाव के आसार हैं। आयोग उनके लिए कामकाज के आधार पर वेतन देने की सिफारिश कर सकता है। कुछ सूत्रों के मुताबिक यदि वैज्ञानिकों के आविष्कारों का वाणिज्यिक उपयोग होता है तो उन्हें इससे मिलने वाले लाभ में हिस्सा देने की अनुमति भी दी जा सकती है।