दीपावली और नववर्ष की तर्ज पर इस बार होली पर ग्रीटिंग्स की भी बाजार में भरमार है। इसमें रंगों की पुड़िया के साथ अठखेलियों भरी शायरी भी है। यही नहीं फिल्मी सितारों की जोड़ी व हिट गानों की जुगलबंदी और काटरून को भी इन ग्रीटिंग्स में विशेष स्थान दिया गया है।
यूनिवर्सल गैलरी के संचालक विवेक सागर जैन ने बताया कि इस बार होली के ग्रीटिंग काफी वैरायटी में आए हैं। लोगों में भी इनकी मांग भी है। सेल्समैन चीनू बताते हैं कि वैसे तो हर लोगों की अपनी-अपनी पसंद है लेकिन ज्यादातर लोग रंगों में रंगे हुए बच्चों की फोटो वाले ग्रीटिंग पसंद कर रहे हैं।
सुनील ने बताया कि कुछ युवा फिल्मी सितारों की जोड़ी व उनके प्रसिद्ध गानों पर होली के लिए बनाई गई जुगलबंदी के ग्रीटिंग खरीदना पसंद कर रहे हैं। अधिकतर दुकानदारों का कहना है कि दीपावली व नववर्ष की तरह तो इनकी बिक्री नहीं हो रही लेकिन इस वर्ष इनका चलन बढ़ा है।
दो घंटे है होलिका दहन का विशेष समय
पंडित ऋषि कुमार शास्त्री ने बताया कि होलिका दहन का सही समय भद्रा और सूर्यास्त के पश्चात गौधुली तक माना गया है। होली के दिन 21 मार्च को दोपहर 11:48 बजे तक भद्रा है और इसके पश्चात ही होलिका दहन शुभ है।
इस दिन सायं 6:30 बजे सूर्यास्त होगा और साढ़े आठ बजे तक गौधुली का समय है। इसलिए साढ़े छह से साढ़े आठ बजे के बीच दो घंटे का समय होलिका दहन के लिए उत्तम है। होली का पूजन भी भद्रा के पश्चात दोपहर 11:48 बजे के बाद ही करें।
क्या-क्या है प्रसिद्ध ग्रीटिंग्स की वर्डिग
जोगीरा खड़ा बाजार में, लिए रंग पिचकारी, जो घर घुसकर बैठ गए तो मिलेगी सौ-सौ गाली, जोगी रा सा रा रा रा..
अगर कोई अकड़ा, कर दो उसका तुम कचरा, डाल दो रंग उस पर होली के, बना दो उसको तुम बकरा..
इट्स टाइम टू पिकअप योर पिचकारी एंड फिल योर पाकेट विद गुलाल, पेंटिंग एवरी स्ट्रीट ब्लू एंड एवरी शर्ट लाल..
मेरा रंग ले गए ओए कम्मो किधर, मैं ढूंढूं उसको इधर-उधर, कोई जाए ढूंढ के लाए, फिर मैं रंग दूंगा उसको इधर-उधर..
गुब्बारा-गुब्बारा, गुब्बारा-गुब्बारा, ना मारो तुम गुब्बारा, फव्वारा-फव्वारा, बिखेरो चारों और होली पर हंसी का फव्वारा..
ओ भंवरे देखो हम दीवानों को, रंगों में डूबे मस्तानों को, होली मनाने आए हैं, होली मनाके जाएंगे,
होली है..
घोला रे, घोला रे घोला रे, रंग घोला, रंग घोला..
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