नई दिल्ली. शिवानी भटनागर हत्याकांड में कड़कड़डुमा अदालत ने गुरुवार को जिरह पूरी हो जाने के बाद मुख्य दोषी आरके शर्मा और अन्य तीन के खिलाफ सजा का फैसला सोमवार तक सुरक्षित रख लिया है।
सरकारी पक्ष के वकील एसके सक्सेना ने आज जिरह के दौरान मुख्य दोषी आरके शर्मा और प्रदीप शर्मा के लिए फांसी की सजा की मांग की है। सरकारी पक्ष ने कहा है कि इन दोनों पर संगीन जुर्म साबित होता है लेकिन अन्य दो आरोपी श्रीभगवान और सत्यप्रकाश केवल हत्या की साजिश रचने में शामिल थे इसलिए उन पर इससे कम सजा दी जाना चाहिए।
सजा को लेकर अदालत में आज डेढ़ घंटे चली बहस के दौरान सरकारी पक्ष ने कुछ ही देर में अपनी दलीलें रख दीं जबकि बचाव पक्ष ने यह दलील दी कि यह मामला रेयरेस्ट ऑफ रेयर नहीं है और न ही यह जघन्य और दिल दहला देने वाली हत्या है इसलिए इसमें फांसी की सजा नहीं दी जाना चाहिए। बचाव पक्ष ने हत्या को पूर्व नियोजित जरूर बताया।
दूसरी तरफ, सरकारी पक्ष ने इस मामले को सुनियोजित ढंग से की गई हत्या करार देते हुए इसे रेयरेस्ट ऑफ द रेयर श्रेणी में रखे जाने की दलील दी और दोषियों को फांसी की सजा दिए जाने की वकालत की। बताया गया है कि जिरह के दौरान मुख्य दोषी आरके शर्मा की तबीयत बिगड़ गई।
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