नई दिल्ली/इस्लामाबाद. पाकिस्तान में आतंकवादी गतिविधियों के दोष में फांसी की सजा पाने वाले भारतीय गुप्तचर सरबजीत सिंह की रिहाई के मामले में भारत ने अपना रुख स्पष्ट करते हुए साफ तौर पर कहा है कि बदले में कोई पाक कैदी रिहा नहीं किया जाएगा। हालांकि भारत ने सरबजीत की रिहाई की उम्मीद जरूर जताई।
पाकिस्तान के राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ द्वारा बुधवार को सरबजीत की फांसी पर रोक लगा दिए जाने के बाद भारत को उम्मीद है कि उसे मानवता के आधार पर छोड़ दिया जाएगा। लेकिन मुशर्रफ की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि इस मामले में अपील करने का वक्त गुजर चुका है और अब राहत की गुजाइश न के बराबर है।
वहीं, पाकिस्तान से आधिकारिक स्तर पर एक बयान आया है कि अगर भारत सरबजीत के बदले में कुछ कैदियों को रिहा करता है तो सरबजीत की रिहाई मुमकिन हो सकती है लेकिन भारत के गृह राज्य मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने साफ तौर पर कह दिया है कि सरबजीत के एवज कोई भी पाक कैदी रिहा नहीं किया जाएगा।
हालांकि उत्तर प्रदेश की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वारा जासूसी और जाली मुद्रा रखने के आरोपी पाक के नागरिक जमाल कुरैशी को क्लीन चिट दे दिए जाने के बाद बुधवार को ही जमाल को वाघा बॉर्डर से पाक के हवाले कर दिया गया। लेकिन इसे बदले की कार्रवाई नहीं बताया गया है।
ताजा बयान में भारत के विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने भी कह दिया है कि सरबजीत की रिहाई की कोशिशें जारी रहेंगी। सरबजीत की बहन दलबीर कौर ने भी लगातार कोशिशें करते रहने की अपील की है।
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