नई दिल्ली. तंबाखू और धूम्रपान विरोधी अभियान में जुटे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदास अब एक नई मुहिम छेड़ने जा रहे हैं। उन्होंने अब उन कार्यालयीन इमारतों या संस्थाओं के मालिकों पर भी जुर्माना लगाने का प्रस्ताव दिया है, जहां कर्मचारी धूम्रपान करते हुए पकड़े जाएंगे। साथ ही सार्वजनिक स्थलों पर धूम्रपान करने पर लगने वाला जुर्माना भी वे पांच गुना बढ़ाना चाहते हैं।
रामदास ने इसके लिए तंबाखू निरोधक एवं नियंत्रण कानून में संशोधन की तैयारी कर ली है। अगर मंत्री अपनी योजना में कामयाब हो गए तो यह ऐसा पहला मौका होगा, जब संस्थाओं और इमारत के मालिकों को भी जिम्मेदार बनाया जाएगा।
मंत्री का तर्क : जुर्माने में इजाफे की योजना का विरोध भी होने लगा है, लेकिन रामदास इससे विचलित नहीं हैं। उनका तर्क है कि इंडिया ग्लोबल यूथ टोबेको सर्वे के अनुसार सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान में 2003 से वर्ष 2006 के बीच नौ फीसदी और 10 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में धूम्रपान करने वालों की संख्या में इसी दौरान 12 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है। रामदास के अनुसार यह प्रचार कार्यक्रमों और कड़े नियमों का ही परिणाम है।
जुर्माने में प्रस्तावित बदलाव:
किस पर - फिलहाल- प्रस्तावित
व्यक्ति पर - 200 रु.- 1000 रु.
संस्था/भवन पर- अभी नहीं- 5000 रु. प्रति व्यक्ति
नोट: यानी अगर किसी भवन या संस्था में तीन लोग धूम्रपान करते हुए मिले तो भवन या संस्था के मालिक पर जुर्माना होगा 15 हजार रुपए
बुद्धदेव से धूम्रपान छोड़ने की अपील:
‘टोबेको कंट्रोल इन स्कूल्स’ और ‘टोबेको कंट्रोल इन मेडिकल स्कूल्स ऑफ इंडिया’ जारी करते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री रामदास ने लगे हाथों बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य और अन्य वरिष्ठ नेताओं से अपील भी कर दी कि वे सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान नहीं करें। इसी मसले पर पहले बॉलीवुड स्टार शाहरुख खान से उलझ चुके रामदास ने कहा कि बुद्धदेव वरिष्ठ नेता हैं और उनको नई पीढ़ी के सामने आदर्श पेश करना चाहिए।