इंदौर. एमवायएच की अव्यवस्थाओं के लिए मुख्यमंत्री के निर्देश पर निलंबित डीन ने आरोप पत्र का जवाब दे दिया है। अब गेंद सरकार के पाले में है। अधीक्षक को दिए गए कारण बताओ नोटिस का क्या हुआ? खुलासा नहीं हो पाया है।
2 जनवरी को मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान अचानक एमवायएच पहुंचे तो वेंटिलेटर और डायलिसिस मशीनें बंद मिलीं। कई वार्डो में भी गंदगी थी। जनप्रतिनिधियों ने दीनदयाल योजना के हितग्राहियों को समय पर दवाई नहीं मिलने जैसी कई शिकायतें भी कीं जिनके चलते डीन डॉ. एम.के. सारस्वत को तत्काल निलंबित कर अधीक्षक डॉ. सी.वी. कुलकर्णी को शोकाज नोटिस जारी किया गया था।
सरकार ने डॉ. सारस्वत को लंबा-चौड़ा आरोप पत्र देकर दर्जनों बिंदुओं पर स्पष्टीकरण मांगा था। हाल ही में उन्होंने जवाब दाखिल कर दिया है। ज्यादातर अव्यवस्थाओं के लिए अस्पताल प्रशासन ही संदेह के घेरे में आ रहा है। चुनिंदा मामले ही डीन स्तर के निकले।
उधर, डीन के निलंबन के 90 दिन पूरे होने में भी बमुश्किल 12 दिन बचे हैं। ऐसे में निलंबन का जल्द निराकरण होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि अस्पताल में डॉ. सारस्वत के करीबी लोगों की ताजपोशी से कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।