भोपाल.
होली की पूर्व संध्या पर शुक्रवार की शाम से शहर में होलिका दहन शुरू हो जाएगा। शनिवार को रंग पर्व मनाने हुरियारे सड़कों पर निकलेंगे। होलिका दहन की करीब सात सौ स्थानों पर तैयारियां की गई हैं। चौराहों पर होलिका व प्रहलाद की प्रतिमाएं रखकर सजावट की गई है। हिंदू उत्सव समिति द्वारा पुराने शहर की सड़कों पर और नेहरू नगर कोटरा की नव युवक हिंदू उत्सव समिति द्वारा नए शहर में जुलूस निकाला जाएगा।
बाजारों में भीड़ :
शहर में होली की धूमधाम से बाजार में गुरुवार को तेजी आ गई। बाजारों में रंग-गुलाल व पिचकारी और मावा दुकानों पर सर्वाधिक भीड़ रही। मावा सौ से एक सौ दस रुपए किलो तक बिक रहा है। मैदा, रवा, बेसन, घी, तेल, गुड़, शकर की भी जमकर बिक्री हो रही है। पुराने शहर समेत उप नगरीय क्षेत्रों के प्रमुख बाजारों में पिचकारियों और रंग की दुकानों पर देर रात तक खरीद-फरोख्त चलती रही। पिचकारियां पांच रुपए से लेकर तीन सौ रुपए कीमत तक की बिक रही हैं। फिल्मी नामों के अलावा म्यूजिकल व फैंसी पिचकारियां भी बच्चे पसंद कर रहे हैं।
लकड़ी डिपो :
वन विभाग ने होलिका दहन के लिए विभिन्न क्षेत्रों में 14 विक्रय केंद्र खोले हैं। यहां से लकड़ी 230 रुपए क्विंटल बेची जा रही है।
कहां कितने स्थानों पर जलेगी होली :
पुलिस सूत्रों के अनुसार शहर में सात सौ स्थानों पर होलिका दहन होगा। पिपलानी में 82, शाहजहांनाबाद 51, कमला नगर में 49, गोविंदपुरा में 42, हबीबगंज में 41,जहांगीराबाद में 37 व कोतवाली में 33, तलैया में 32, टीला जमालपुरा में 31 स्थानों पर व अन्य क्षेत्रों में करीब 25 स्थानों पर होलिका दहन होगा।
होली जलाएं, लेकिन रखें ध्यान:
>> आग उड़कर आसपास न जाए।
>> बिजली के तारों के नीचे होलिका दहन न करें।
>> छोटे बच्चों को जलती होली के नजदीक न जाने दें।
>> रंग छुड़ाने तालाब में न जाएं।
पुलिस ने किया फ्लेग मार्च
त्योहारों को देखते हुए राजधानी में सख्त सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने गुरुवार को शहर में फ्लेग मार्च भी किया। एसपी जयदीप प्रसाद के अनुसार पुलिस मुख्यालय द्वारा रैपिड एक्शन फोर्स और स्पेशल टास्क फोर्स की दो- दो कंपनियां तैनात की गई हैं। गुरुवार की दोपहर तीन बजे अर्धसैनिक बलों और पुलिस की टुकड़ियों ने कंट्रोल रूम से एक फ्लेग मार्च निकाला। मार्च पुराने शहर के विभिन्न इलाकों से होता हुआ वापस कंट्रोल रूम पहुंचा।
फायर ब्रिगेड भी तैयार:
होली पर नगर निगम द्वारा फायर ब्रिगेड को सतर्क किया गया है। धुलेंडी के दिन बड़े तालाब के आसपास निगम के चार गोताखोर भी तैनात किए जाएंगे। रंग खेलने के बाद बड़ी संख्या में लोग बड़े तालाब में नहाने पहुंचते हैं।
पानी बचाने सूखी होली खेलेंगे
शहर में होली पर सैकड़ों लोगों ने संकल्प लिया है कि वे एक दिन की खुशी के लिए पानी का अपव्यय नहीं करेंगे। संस्था संकल्प, आरंभ व प्रयास ने लोगों से अपील की है कि वे होली खेलें, पर सूखे और प्राकृतिक रंगों से। भास्कर के पानी बचाओ आंदोलन व स्लोगन से प्रेरित इन लोगों का कहना है कि कैमिकल रंगों की बजाय वे प्रेम व सद्भाव के रंग बिखेरेंगे। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान व महापौर सुनील सूद ने कहा है कि यह पर्व आपसी मोहब्बत के रंग में तरबतर होने का संदेश देता है।
समाज सेवी सत्यनारायण अग्रवाल, विमल भंडारी, संजय गुप्ता, मदन सोनी व ब्रज किशोर वर्मा ने पानी का अपव्यय रोकने की अपील की है। बाग मुगालिया कॉलोनी विकास समिति के अध्यक्ष उमाशंकर तिवारी ने बताया कि इस बार समिति कंडों की होली जलाने व सूखे रंगों की होली खेलने की अपील की है।
होली के रंग, हर्बल गुलाल के संग :
रसायनिक रंगों के इतर वन विभाग ने ईको फ्रेंडली रंग तैयार किए हैं। ‘पर्यावरण मित्र’ कहे जाने वाले हर्बल गुलाल को लघु वनोपज व अनुसंधान केंद्र बरखेड़ा पठानी ने तैयार किया है। राज्य लघु वनोपज संघ के प्रबंध संचालक रमेश ने बताया कि गुलाल संजीवनी आयुर्वेद केंद्र लिंक रोड नंबर एक व अन्य केंद्रों पर उपलब्ध है।
सड़कों पर गड्ढे बने परेशानी का सबब
होलिका दहन के लिए चौराहों और तिराहों पर किए गए गड्ढे सड़कों को बर्बाद कर रहे हैं। नए शहर में मॉडल स्कूल के पास, गुलमोहर कॉलोनी, शिवाजी नगर, चक्की चौराहा, नेहरू नगर, अन्ना नगर चौराहा, अवधपुरी के चौराहों और तिराहों पर सड़कें खोदकर होली के डांडे गाड़े गए हैं।
साउथ टीटी नगर निवासी ओपी विश्नोई बताते हैं कि मंगलवार की रात वे स्कूटर से घर आ रहे थे। मॉडल स्कूल के पास अंधेरा होने से वह चौराहे पर लगी होली की लकड़ी से जा भिड़े। हालांकि उन्हें गंभीर चोटें नहीं र्आई, पर गाड़ी को जरूर नुकसान हुआ।
पीडब्ल्यूडी के अधीक्षण यंत्री आरके मेहरा के मुताबिक सड़कों के बीच गड्ढा करना सुरक्षा के हिसाब से ठीक नहीं है। सामान्य चैकिंग के दौरान गड्ढों को हम रिपेयर करते हैं। लेकिन बरसात में पानी भर जाता है। जो सड़क की मजबूती को नुकसान पहुंचाते हैं।