जयपुर.
सरकार से यूआइटी चेयरमैन धर्मेश जैन के सीडी कांड मामले में वक्तव्य दिलाने की मांग को लेकर गुरुवार को राज्य विधानसभा में विपक्ष ने करीब 4क् मिनट तक हंगामा किया। इस दौरान सत्तापक्ष पूरी तरह बचाव की मुद्रा में नजर आया। विपक्ष के बढ़ते दबाव के कारण सदन की कार्यवाही आधा घंटे के लिए स्थगित करनी पड़ी। बाद में सरकार को वक्तव्य देना पड़ा।
स्वायत्त शासन राज्यमंत्री सुरेन्द्र गोयल ने सदन में कहा कि घटना सामने आते ही डिप्टी टाउन प्लानर अरुण उपाध्याय को एपीओ कर दिया गया। सभापति धर्मेश जैन ने अपना इस्तीफा दे दिया है, जिसे सरकार ने मंजूर कर लिया है।
अजमेर कलेक्टर को यूआईटी अध्यक्ष का कार्यभार सौंपा गया है। सीडी की सत्यता की जांच सीआईडी की अपराध शाखा से कराई जाएगी। जैन के कार्यकाल की जांच उच्च स्तर पर निर्णय करके कराई जाएगी।
इससे पहले शून्यकाल में कांग्रेस के श्रीगोपाल बाहेती ने जानना चाहा कि उनके स्थगन प्रस्ताव पर सरकार ने आज वक्तव्य देने को कहा था, इसलिए पहले वक्तव्य दिलाया जाए। उपाध्यक्ष रामनारायण विश्नोई ने कहा कि उन्हें अभी जवाब मिला नहीं है। इस पर प्रतिपक्ष के नेता हेमाराम चौधरी, कांग्रेस के बी.डी. कल्ला, सी.डी. देवल, रिछपाल मिर्धा, ब्रजकिशोर शर्मा ने मांग की कि जवाब आज ही दिलाया जाए। सरकार अपने भ्रष्टाचार को दबाना चाहती है, इसलिए जवाब देने से बच रही है।
संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्रसिंह राठौड़ ने कहा कि सरकार इस मामले में जल्दी जवाब देगी। खाद्य मंत्री घनश्याम तिवाड़ी और गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने भी विपक्ष को संतुष्ट करने की कोशिश की लेकिन विपक्ष गुरुवार को ही जवाब दिलवाए जाने की मांग पर अड़ा रहा। इस बीच संसदीय कार्यमंत्री राजेन्द्र राठौड़, स्वायत्त शासन राज्यमंत्री सुरेन्द्र गोयल, वन राज्यमंत्री प्रतापसिंह सिंघवी, शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी और शिक्षा मंत्री कालीचरण सराफ, खाद्यमंत्री घनश्याम तिवाड़ी तथा गृहमंत्री कटारिया के पास चर्चा करते दिखाई दिए।
कामरेड अमराराम ने कहा कि सीडी कांड में अजमेर यूआईटी अध्यक्ष धर्मेश जैन का इस्तीफा हो चुका है। सारे अखबारों में खबर छप चुकी है, लेकिन सरकार यहां जानकारी नहीं देकर सदन का अपमान कर रही है। सत्तापक्ष जवाब देने से बचता रहा तो विपक्ष के सदस्य अपनी सीटों से खड़े होकर नारेबाजी करने लगे।
विधायक ने सदन में उछाली सीडी
इस बीच ब्रजकिशोर शर्मा, गोपाल बाहेती ने सदन में सीडी लहराई, जबकि लोजपा के रणवीर गुढ़ा ने उनसे सीडी लेकर सदन में उछाल दी। इस पर सत्तापक्ष ने कड़ी आपत्ति की और इसे सदन का अपमान बताया। शोर-शराबे के कारण सदन की कार्यवाही आधा घंटे के लिए स्थगित की गई।