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Chhattisgarh
Raipur Raipur रायपुर. छत्तीसगढ़ में बिजली बोर्ड के प्रस्तावित विखंडन के भारी विरोध को देखते हुए मुख्यमंत्री डा. रमनसिंह ने केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे को पत्र लिखकर विधानसभा चुनाव तक बोर्ड का विखंडन नहीं करने का प्रस्ताव भेजा है। फिलहाल राज्य शासन को केवल 31 मार्च तक की मोहलत मिली हुई है।
मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में लिखा है कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत मंडल अच्छा काम कर रहा है। दिसंबर में राज्य में विधानसभा चुनाव होने हैं। चुनावी माहौल में राज्य में बिजली की स्थापित व्यवस्था में व्यवधान होने का अंदेशा है। ऐसी स्थिति में विद्युत मंडल का विखंडन करना उचित नहीं होगा। उन्होंने राज्य की परिस्थितियों को देखते हुए चुनाव तक विखंडन टालने का आग्रह किया है।
मुख्यमंत्री के अलावा ऊर्जा विभाग के प्रमुख सचिव विवेक ढांड ने भी इस महीने दो प्रस्ताव केंद्रीय ऊर्जा मंत्रालय को भेजे हैं। शासन की ओर से भी केंद्र सरकार से विखंडन टालने का प्रस्ताव अलग से भेजा गया है।
केंद्र सरकार ने बोर्ड का विखंडन टालने की अनुमति नहीं दी तो 1 अप्रैल से बिजली बोर्ड को कंपनियों में विभक्त करना पड़ेगा। प्रस्तावित विखंडन के विरोध में बिजली अधिकारियों-कर्मचारियों ने बेमुद्दत हड़ताल की चेतावनी दे दी है। इससे राज्य में अंधेरा होने का संकट है।
माना जा रहा है कि केंद्र और राज्य सरकार के झगड़े के कारण बिजली बोर्ड के विखंडन का मामला उलझ गया है। अन्य राज्यों को तो विखंडन टालने के लिए अनुमति दी जा रही है लेकिन छत्तीसगढ़ को मशक्कत करनी पड़ रही है। एनटीपीसी के सीपत संयंत्र से विस्थापित होने वाले परिवार के लोगों को नौकरी नहीं मिलने पर राज्य शासन ने एनटीपीसी को पानी सप्लाई रोक दी है।
केंद्र को मुंहतोड़ जवाब दें मुख्यमंत्री
नवगठित छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत कर्मचारी जनता यूनियन ने मुख्यमंत्री से दो टूक कहा कि विखंडन मसले पर केंद्र की पक्षपातपूर्ण नीतियों की हर स्तर पर आलोचना हो चुकी है। अब इसके विरुद्ध तमिलनाडू व केरल की तर्ज पर यहां विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर केंद्र को करारा जवाब देने की जरुरत है।
प्रांतीय संगठन सचिव अशोक पाठक ने कहा कि केंद्र ने जानबूझकर राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के चलते छत्तीसगढ़ व हिमाचल प्रदेश को विखंडन के लिए 6 की जगह 1 माह का समय दिया है। ऐसे में मुख्यमंत्री ने इस मसले पर प्रधानमंत्री को पत्र लिखने की बात कहकर केंद्र के समक्ष आत्मसमर्पण कर रहे हैं।