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बांगो जल बिजली घर को मिला गोल्ड शील्ड

रायपुर. राज्य का हसदेव बांगो जल बिजली घर सिरमौर बन गया है। बिजली संकट से निपटने में इस संयंत्र का अहम रोल रहा है। दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे ने छत्तीसगढ़ को सम्मानित किया। देश में जल बिजली घरों के बीच उत्कृष्ट कार्य करने में हसदेव बांगो जल बिजली परियोजना अव्वल रही।

केंद्रीय बिजली मंत्रालय ने गोल्ड शील्ड दिया है। हसदेव बांगो जल बिजली परियोजना प्रदेश की सबसे बड़ी इकाई है, जिसकी स्थापना 1995 में हुई। यहां किफायती दर पर बिजली का उत्पादन हो रहा है। श्री शिंदे ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था और सामाजिक स्तर को मजबूत बनाने में बिजली की भूमिका सवरेपरि है।

भारत सरकार की मंशा हर बिजली घर को सवरेत्तम बनाने की है। पारेषण और वितरण की हानि को घटाना भी जरुरी है। ऊर्जा संस्थानों के बीच प्रतिस्पर्धा बढ़ाने राष्ट्रीय पुरस्कार देने की पहल की गई है। एक समिति ने देश भर के ऊर्जा संस्थानों का निरीक्षण कर अध्ययन किया।

श्री रंजन ने गोल्ड शील्ड व प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया। इस मौके पर बोर्ड के सदस्य एसपी चतुर्वेदी, एनबी मेढ़ेकर व सीई एसपी रेंगे भी मौजूद थे। केंद्रीय ऊर्जा सचिव अनिल राजदान विद्युत प्राधिकरण के अध्यक्ष राकेश नाथ व पावर सेक्टर के उच्च अधिकारियों ने श्री रंजन को बधाई दी।

श्री रंजन ने बताया कि गोल्ड शील्ड के हकदार देश में सिर्फ चार ऊर्जा संस्थान ही बने पर जल बिजली घर के मामले में अकेले छत्तीसगढ़ ही टाप पर रहा। कर्नाटक के कोडासल्ली और गुजरात के उकई जल बिजली घर को कांस्य शील्ड मिला।





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