HomeNewsChhattisgarhBilaspur Bilaspur

प्रवचन सुनकर की नशे से तौबा

बिलासपुर. डेरा सच्च सौदा के गुरु संत गुरमीत राम रहीम इंसा ने जब मुंगेली नाका चौक स्थित ग्राउंड में नशे के खिलाफ प्रवचन दिया तो लोगों ने अपने जेब से तंबाखू, गुटखा जैसे नशीले पदार्थ बाहर फेंक दिए और कभी नशा नहीं करने का प्रण लिया।

संत श्री सिंह ने वैज्ञानिक आंकड़ों के आधार पर बताया कि भारतवर्ष में प्रति घंटे नशे के कारण 90 लोगों की मौत हो जाती है। सालभर में 8 लाख लोग नशे के कारण मौत के मुंह में चले जाते हैं। नशे से बचाव के लिए कुल 2776 करोड़ का खर्च आता है। शराब, भांग, तंबाखू, गांजा, गुटखा, अफीम, हेरोईन घातक पदार्थ हैं।

यह सुनकर सत्संग में उपस्थित नशा करने वाले लोगों के चेहरे सफेद पड़ गए और उन्होंने अपने जेब से नशीले पदार्थ निकालकर फेंक दिए। संत श्री रहीम के करने पर उन्होंने कभी नशा न करने का प्रण लिया। इसी तरह उन्होंने भ्रूण हत्या को महापाप बताया। उन्होंने कहा कि सभी संत, फकीर, राजा और योद्घाओं का जन्म मां की कोख से होती है। मां भी कभी छोटी बच्ची होती है।

भ्रूण हत्या करने वाली मां डायन है और जो डाक्टर भ्रूण हत्या करता है वह जल्लाद के समान है। भारत में रोजाना 30 हजार गर्भपात होते हैं। साल में 1 करोड़ 10 लाख गर्भपात हो रहे हैं। लिंग अनुपात में अंतर का यह सबसे बड़ा कारण है। लोगों को भ्रूण हत्या न करने का संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि जो अपनी बेटियों का पालन-पोषण नहीं कर सकते, वे डेरा सच्च सौदा के सुपुर्द कर दें।

यहां उनकी पढ़ाई-लिखाई के साथ सभी सुविधाएं दी जाती हैं। उन्होंने कहा कि भगवान, ईश्वर, अल्लाह, वाहेगुरु, गॉड सभी एक ही शक्ति के नाम हैं। इन्हें आडंबर व धन से प्राप्त नहीं किया जा सकता। भगवान सच्ची भावना से याद करने और मानवता की सेवा करने से मिलते हैं। 23 मार्च को रतनपुर रोड पर गतौरी में बने डेरा के आश्रम में संतश्री का प्रवचन होगा।

दान की संस्था नहीं डेरा सच्च सौदा
डेरा सच्च सौदा हरियाणा, सरसा में स्थित एक सर्व धर्म सामाजिक संस्था है। इसकी स्थापना 1948 में की गई थी। इसमें किसी तरह का दान या चंदा नहीं लिया जाता है। गुरु से लेकर शिष्य सभी मेहनत कर कमाई हुई रकम से आश्रम चलाते हैं। संस्था के अलग-अलग धर्म के 2 करोड़ से अधिक अनुयायी हैं। डेरा के माध्यम से सामाजिक, शिक्षण, चिकित्सा, कृषि ट्रेनिंग, नशा मुक्ति, रक्तदान, पौधरोपण, नेत्र केंप भी किए जाते हैं।

डेरा द्वारा गांव में नौजवान समिति, बुजुर्ग समिति, ब्लाक स्तर पर सात मैंबर कमेटी, 7 सुजान बहन समिति, जिला स्तर पर 15 मैंबर कमेटी व प्रांत स्तर पर 25 मैंबर कमेटियां बनाई जाती हैं, जो मानवता की सेवा करती हैं। संत गुरमीत राम रहीम इंसा द्वारा 25 जनवरी को एक लाख लोगों को पुरस्कृत किया जाता है। प्राकृतिक आपदाओं से बचाव, राहत व पुनर्वास के लिए डाक्टर, इंजीनियर, मैकेनिक, अध्यापकों की विंग बनाई जाती है, जो प्रशिक्षित होते हैं।

भ्रूण हत्या रोकने के लिए डेरा द्वारा शाही बेटियां बसेरा नामक वातानुकूलित आश्रम बनाया गया है, जिसमें 19 बच्चियां रह रही हैं। इसमें बच्चियों को अच्छी शिक्षा, खानपान व रहन-सहन दिया जाता है। डेरा सच्च सौदा ने रक्तदान शिविर में विश्व रिकार्ड बनाया है, जिसमें पहली बार मं 15432 यूनिट व दूसरी बार में पहले रिकार्ड को तोड़ते हुए 17921 यूनिट रक्तदान किया गया था।





अपने विचार यहां लिखें
नाम:
ईमेल आईडी:
भाषा चुनॆ
हिन्दी रॊमन‌ हिन्दी फॊनॆटिक English
विचार:
कोड: