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रंगों के त्योहार के लिए सज गए रंग

बिलासपुर. मौज-मस्ती और रंगों के त्यौहार होली की तरंग शहर में फैल चुकी है। अब तक रात को ही सुनाई देने वाली नगाड़ों की थाप और फाग की आवाज दिन में भी गूंजने लगी है। होली बच्चों के साथ-साथ बड़ों के लिए भी खास होती है, लिहाजा होली के हुड़दंग को और भी रोमांचक बनाने के लिए बाजार सजकर तैयार है। दुकानों में आज से खरीददारी और तेज हो गई।

कंपनी गार्डन के पास करीब दो दर्जन दुकानों में होली के लिए रंग, अबीर, गुलाल के अलावा कोलकाता, नागपुर, दिल्ली, मुंबई से लाया गया तरह-तरह के साजो-सामान बिक रहे हैं। बच्चों के लिए उनके पसंद के मुखौटे, तो युवाओं के लिए सिर पर लगाने के वाले विग, आंखों को रंगों से बचाने के लिए चश्मे व टोपियां, हर चीज की अलग-अलग वेरायटी लेकर सजी इन दुकानों में ग्राहकी शुरू हो गई है। जो अगले दो दिनों में चरम पर होगी।

पिछले 20 वर्षो से यहां दुकान लगा रहे कैलाश गुप्ता ने बताया कि रंग, गुलाल की थोक कीमत 100 से 200 रुपए तक बढ़ी है, लेकिन इसका असर ग्राहकों पर नहीं पड़ेगा। पिछले साल की तरह इस बार भी गुलाल 10 रुपए पाव की दर से बेची जा रही है। दुकानों में 2 से 400 रुपए तक के सामान उपलब्ध हैं। सबसे महंगा 400 रुपए का ‘एयर माउजर’ है, जो चाइना का बना हुआ है।

इसी तरह छत्ता, हाकी, पेचकस, छड़ी, पंप आदि की शक्ल में भी पिचकारियां आई हैं। इनकी कीमत 50 से 150 रुपए तक है। चाइना के खास गुब्बारे में 15 रुपए में 100 पीस बिक रहे हैं। बच्चों की पसंद का ख्याल रखते हुए बकरा बाजा, चश्मा, टोपी व मजेदार आइटम रखे गए हैं। 35 से 100 रुपए तक के इस सुगंधित कलर को हर्बल और त्वचा को नुकसान नहीं पहुंचाने वाला बताया जा रहा है।

इसी तरह 10 मिनट में ही कपड़ों से गायब हो जाने वाले मैजिक कलर की कीमत 25 रुपए है। गोलबाजार और बुधवारी बाजार की दुकानों में भी पीला, लाल, गुलाबी, हरा गुलाल खरीदने वाले जमा हो रहे हैं।

मनोहर टाकीज के पास, बस स्टैंड, राजकिशोर नगर चौक, जरहाभाठा सहित कुछ इलाकों में रंग-गुलाल की दुकानें लगी हैं। रंग-गुलाल, पिचकारी, नकली दाढ़ी, मूंछ और मुखौटों की अस्थाई दुकानों में खरीददार पहुंचने लगे हैं। दुकानदारों का कहना है कि असली बिक्री तो कल से होगी।

लालू की जटा 80 रुपए में
इस बार होली में युवा लालू यादव की शक्ल में घूमते दिखाई देंगे। उनके लिए खासतौर पर लालू की तरह बालों से तैयार किया गया जटा बाजार में आया है, जिसकी कीमत 80 रुपए है। इसके अलावा आर्नाल्ड श्वार्जनेगर, क्रिश, शाहरूख व धोनी स्टाइल के विग की भी खासी बिक्री हो रही है।

जस्सी से सानिया मिर्जा तक
रंग बाजार में रंगों के नाम भी होलियाना ही हैं। दुकानों में ‘जस्सी जैसी कोई नहीं’, ‘सानिया मिर्जा’, ‘ओम शांति ओम’, ‘धूम-2’ और ऐसे ही कई सितारों व फिल्मों के नाम पर रंग और स्प्रे बिक रहे हैं। व्यापारियों का मानना है कि विशेषकर गांवों से आने वाले खरीददार ऐसे नाम वाले रंग, स्प्रे खरीदना पसंद करते हैं। यही नहीं, डरावनी चुड़ैल और राक्षस का वेष धरने के लिए साजो-सामान भी बिक रहे हैं।

स्प्रे और पिचकारी भी म्यूजिकल
स्प्रे या पिचकारी से रंग डालते वक्त गाना सुनाई दे तो चौंकिए मत, दुकानों में ऐसे स्प्रे व एयर गन भी हैं, जिन्हें दबाते ही म्यूजिक बजने लगेगा। बाजार में इनकी कीमत 100 से 400 रुपए तक है। इसके अलावा सेंटेड स्प्रे भी पसंद किया जा रहा है, जिसमें रंग छिड़कते ही हवा में खुशबू तैर उठेगी।

नगाड़ों की थाप और फाग की मस्ती
शाम होते ही विकास नगर, गोंड़पारा सीताराम मंदिर, शिव हनुमान मंदिर तिलक नगर, राम मंदिर तिलक नगर, जूना बिलासपुर, किलावार्ड, चांटीडीह, सरकंडा, राजेंद्र नगर सहित सभी स्थानों पर फाग की आवाज गूंजने लगी है। देर रात तक चलने वाले इस मस्ती भरे आयोजन की तैयारियां शाम से ही शुरू कर दी जाती हैं। नगाड़ों की धुन में बीच-बीच में गुलाल उड़ाए जाते हैं। कई स्थानों पर भांग के साथ ठंडई मिलाकर दी जा रही है।





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