टोरंटो. जो लड़कियां बचपन में बेहद गुस्सल और अतिसक्रिय रहती हैं वे वयस्क होने पर पढ़ाई में पिछड़ सकती हैं और धूम्रपान का लत का शिकार हो सकती हैं। आमतौर पर बड़ी उम्र में ये लड़कियां अकेलेपन की शिकार भी हो जाती हैं। कनाडा की 881 स्कूली छात्राओं पर किए गए एक0 अध्ययन में शोधकर्ताओं ने छह से 21 वर्ष की गुस्सैल और अतिसक्रिय लड़कियों में होने वाले व्यावहारिक परिवर्तनों का अध्ययन किया।
शोधकर्ताओं ने पाया कि दस में से एक लड़की का व्यवहार अतिसक्रिय पाया गया। इसके अलावा दस में से एक लड़की गुस्सैल भी है।
‘यूनिवर्सिटी कालेज आफ लंदन’ के शोधकर्ता नथाली फॅकानटेंन के अनुसार, ‘‘कम ही अध्ययन हैं जिनमें लड़कियों के गुस्सल और अतिसक्रिय व्यवहार द्वारा बढ़ती उम्र पर होने वाले असर को मापा गया है।’’
शोधकर्ताओं के अनुसार छोटी उम्र की जो लड़कियां शांत नहीं बैठतीं और ज्यादा कूदती-फांदती रहती हैं वे बड़ी उम्र में व्यावहारिक दिक्कतों का सामना करती हैं। इन लड़कियों में कम उम्र में गर्भधारण की समस्या भी देखी गई है।